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...और धू-धू कर जल उठी केदारनाथ में चिताएं
देहरादून/ब्यूरो
Updated Fri, 09 Aug 2013 11:07 PM IST
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उत्तराखंड में बीते 16-17 जून को आई आपदा में एक ओर मृतक लोगों के आकंडो को लेकर सियासी माहौल गर्माया हुआ है वहीं दूसरी ओर प्रशासन को केदारनाथ की सफाई के दौरान शवों का मिलना जारी है।
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23 शवों का हुआ दाह संस्कार
केदारनाथ में पुलिस व एनडीआरएफ की संयुक्त टीम ने गुरुवार को 23 शवों का विधिवत तरीके से दाह संस्कार किया। आईजी डिजास्टर मैनेजमेंट रामसिंह मीणा ने बताया कि शवों को मंदिर के आस पास मलबे से भवनों की खिड़कियां व ग्रिल काटकर निकाले गए हैं।
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उन्होंने बताया कि डीआईजी जीएस मार्तोलिया की देख रेख में पुलिस टीम व एक्सपर्ट्स ने शवों के डीएनए सैम्पल, फोटोग्राफ, जेवर अन्य सामान पहचान हेतु सुरक्षित रखे हैं।
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मलबे में मिल रही पहचान
मलबे में से मिले बैग आदि में वोटर आईडी, डेबिट कार्ड, मार्कशीट, बैंक अकाउंट नम्बर आदि सामान भी मिले हैं जिनकी सहायता से पहचान संबंधी अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
मीणा ने बताया कि मंदिर के आस पास मलबे में से अबतक लगभग पांच लाख रुपए विभिन्न स्थानों से मिले है जिन्हें सरकारी खजाने में जमा करा दिया है।
अब तक 404 को मिला मोक्ष
पुलिस टीम अभी केदारनाथ में ही कैंप कर रही है और मलबे से शवों को निकालने का अभियान जारी है। आईजी रामसिंह मीणा ने बताया कि अभी तक राज्य के भीतर दैवी आपदा का शिकार हुए 404 लोगों के शवों को मुखाग्नि दी जा चुकी है।