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तुलसी के ‘आंगन’ में कांटे
ऋषिकेश/ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jul 2013 04:05 PM IST
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ऋषिकेश स्थित मुनिकीरेती के हर्बल गार्डन की सुंदरता में चार चांद लगाने वाली विभिन्न प्रजातियों की तुलसी की क्यारियों में कांटे और झाडियां उग आई हैं।
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वन विभाग की लापरवाही के चलते यहां तुलसी की कई प्रजातियां लुप्त होने के कगार पर हैं। कई क्यारियों में तुलसी की जगह झाड़ियां उग आई हैं। तो कई सूख चुकी हैं। हर्बल गार्डन प्रभारी बदहाली की जिम्मेदारी लेने की बजाए पूर्व में कार्यरत अफसरों के सिर दोष मढ़ रहे हैं।
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गंगोत्री राजमार्ग पर भद्रकाली स्थित डा. सुशीला तिवारी हर्बल गार्डन को प्रदेश में जड़ी-बूटी उत्पादन और प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से स्थापित किया गया था। हाथियों की आमद के कारण कई महीनों तक गार्डन बदहाल बना रहा।
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भगवान भरोसे हर्बल गार्डन
हाथी की आमद कुछ कम हुई तो विभाग के आला अधिकारियों के निर्देश पर गार्डन का सुंदरीकरण किया गया। इसके तहत गार्डन के इंट्री प्वाइंट को सुरक्षा कारणों से ऊंचा किया गया और कार्यालय के बाहर सुंदरीकरण कर विभिन्न प्रजातियों की तुलसी की क्यारियों से गार्डन को सजाया गया।
इसके बाद से अफसरों और कर्मियों ने इन क्यारियों की देखरेख भगवान भरोसे छोड़ दी। जिससे इनमें झाड़ियां उग आई हैं। हर्बल गार्डन प्रभारी महेंद्र सिंह का कहना है इसका सही जवाब तुलसी की पौध लगाने वाले ही दे सकते हैं, हमें क्यारियों के बारे में जानकारी ही नहीं है।