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बदरीविशाल के अभिषेक के लिए महिलाओं ने पिरोया तिल का तेल
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नरेंद्रनगर राज दरबार में तिलों का तेल पिरोली सुहागिन।
- फोटो : NEW TEHRI
श्री बदरीनाथ भगवान की गाडू घड़ा (अभिषेक तेल कलश) यात्रा शुक्रवार को पूजा-अर्चना के बाद राज दरबार से शुरू हो गई। राज दरबार में राजकुमारी श्रीजा सहित कई सुहागिन महिलाओं ने तिलों का तेल पिरोया। श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारियों ने धार्मिक रस्मों के साथ गाडू घड़ा लेकर श्री बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया। इसी के साथ बदरीनाथ धाम की यात्रा का आगाज हो गया। बदरीनाथ धाम के कपाट 8 मई को प्रात: 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
राजदरबार में पूजा-अर्चना के साथ सुहागिन महिलाओं ने श्री बदरीनाथ भगवान के अभिषेक के लिए तिलों का तेल पिरोया। पंडित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भगवान के अभिषेक के लिए तेल पिरोने के बाद महाराजा मनुज्येंद्र शाह ने 1000 बतियों के साथ दिव्य आरती कर गाडू घड़ा डिम्मर पंचायत के सदस्यों को सौंपा। पंडित उनियाल ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठान के बाद गाडू घड़ा यात्रा के साथ ही श्री बदरीनाथ धाम यात्रा का आगाज हो गया है। गाडू घड़ा लेकर डिमरी पंचायत समिति के लोग ऋषिकेश के लिए रवाना हुए। इस मौके पर टिहरी सांसद महारानी मालाराज्य लक्ष्मी शाह, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अरुण डिमरी, राकेश डिमरी, संजय डिमरी, जौनी डिमरी, मंदिर समिति के सदस्य आशुतोष डिमरी, भास्कर डिमरी, दीपक डिमरी आदि उपस्थित रहे।
आज श्रीनगर रवाना होगी यात्रा
शुक्रवार को ऋषिकेश चेला चैतराम धर्मशाला में रात्रि विश्राम के बाद शनिवार 23 अप्रैल को गाडू घड़ा यात्रा ऋषिकेश से श्रीनगर गढ़वाल के लिए प्रस्थान करेगी। वहां डालमिया धर्मशाला में रात्रि विश्राम करेगी। 24 अप्रैल को सुबह पूजा-पाठ और प्रसाद वितरण के बाद गाडू घड़ा यात्रा श्रीनगर से कर्णप्रयाग होते हुए श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर पहुंचेगी। चार मई तक लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा अर्चना के बाद यात्रा पांच मई को श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ और छह मई को बदरी मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचेगी। सात मई को पांडुकेश्वर से गाडू घड़ा यात्रा श्री बदरीनाथ धाम पहुंचेगी और 8 मई को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह तेल कलश गाडू घड़ा यात्रा के दर्शनों के लिए शनिवार को ऋषिकेश पहुंचेंगे।
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राजदरबार में पूजा-अर्चना के साथ सुहागिन महिलाओं ने श्री बदरीनाथ भगवान के अभिषेक के लिए तिलों का तेल पिरोया। पंडित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भगवान के अभिषेक के लिए तेल पिरोने के बाद महाराजा मनुज्येंद्र शाह ने 1000 बतियों के साथ दिव्य आरती कर गाडू घड़ा डिम्मर पंचायत के सदस्यों को सौंपा। पंडित उनियाल ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठान के बाद गाडू घड़ा यात्रा के साथ ही श्री बदरीनाथ धाम यात्रा का आगाज हो गया है। गाडू घड़ा लेकर डिमरी पंचायत समिति के लोग ऋषिकेश के लिए रवाना हुए। इस मौके पर टिहरी सांसद महारानी मालाराज्य लक्ष्मी शाह, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अरुण डिमरी, राकेश डिमरी, संजय डिमरी, जौनी डिमरी, मंदिर समिति के सदस्य आशुतोष डिमरी, भास्कर डिमरी, दीपक डिमरी आदि उपस्थित रहे।
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आज श्रीनगर रवाना होगी यात्रा
शुक्रवार को ऋषिकेश चेला चैतराम धर्मशाला में रात्रि विश्राम के बाद शनिवार 23 अप्रैल को गाडू घड़ा यात्रा ऋषिकेश से श्रीनगर गढ़वाल के लिए प्रस्थान करेगी। वहां डालमिया धर्मशाला में रात्रि विश्राम करेगी। 24 अप्रैल को सुबह पूजा-पाठ और प्रसाद वितरण के बाद गाडू घड़ा यात्रा श्रीनगर से कर्णप्रयाग होते हुए श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर पहुंचेगी। चार मई तक लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा अर्चना के बाद यात्रा पांच मई को श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ और छह मई को बदरी मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचेगी। सात मई को पांडुकेश्वर से गाडू घड़ा यात्रा श्री बदरीनाथ धाम पहुंचेगी और 8 मई को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह तेल कलश गाडू घड़ा यात्रा के दर्शनों के लिए शनिवार को ऋषिकेश पहुंचेंगे।
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