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भूमि मिलने पर ही करेंगे आंदोलन समाप्त
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टिहरी झील किनारे तिवाड़गांव में धरने पर बैठे बांध प्रभावित।
- फोटो : NEW TEHRI
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टिहरी बांध की झील से आंशिक रूप से प्रभावित तिवाड़ गांव और मरोड़ा गांव के लोग भूमि के बदले भूमि आवंटित करने की मांग को लेकर बुधवार को दूसरे दिन भी क्रमिक अनशन पर डटे रहे। आंदोलनरत ग्रामीणों की तहसीलदार और पुनर्वास विभाग के ईई से पहले दौर की वार्ता विफल हो गई। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उन्हें भूमि आवंटन का पत्र नहीं मिल जाता है तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
तिवाड़ गांव और मरोड़ा गांव के लोग भूमि आवंटन की मांग को लेकर बीते दिन से आंदोलनरत है। मांग के समर्थन में वे तिवाड़ गांव में टिहरी झील किनारे क्रमिक अनशन पर बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि 2004 में उनकी 50 फीसदी कृषि भूमि टिहरी झील में डूब गई। आंशिक डूब क्षेत्र के अंतर्गत होने के कारण दोनों गांवों का पुनर्वास नहीं किया गया है। वे गौरण गांव के समीप और कोटी कालोनी में खाली पड़ी भूमि प्रभावित परिवारों का आवंटित करने की मांग कर रहे हैं।
बीती शाम को तहसीलदार आशीष घिल्डियाल और पुनर्वास विभाग के ईई धीरेंद्र नेगी ग्रामीणों से वार्ता के लिए धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत लोगों से कहा कि भूमि आवंटन के लिए कार्रवाई चल रही है। दूसरे दिन मांग के समर्थन में कुलदीप पंवार, दिनेश पंवार, बालम पंवार, ग्राम प्रधान संगीत देवी, विजयपाल नेगी, गब्बर पंवार, नितिन कंसवाल, मदन मोहन कंसवाल, कौंरी देवी, सोबनी देवी, उषा देवी, राजेश पंवार, प्रमोद पंवार, हुकम पंवार, विकास पंवार, वंदना देवी, दीपा राणा, लक्ष्मी देवी, मीना देवी, रजनी देवी ने धरना दिया।
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तिवाड़ गांव और मरोड़ा गांव के लोग भूमि आवंटन की मांग को लेकर बीते दिन से आंदोलनरत है। मांग के समर्थन में वे तिवाड़ गांव में टिहरी झील किनारे क्रमिक अनशन पर बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि 2004 में उनकी 50 फीसदी कृषि भूमि टिहरी झील में डूब गई। आंशिक डूब क्षेत्र के अंतर्गत होने के कारण दोनों गांवों का पुनर्वास नहीं किया गया है। वे गौरण गांव के समीप और कोटी कालोनी में खाली पड़ी भूमि प्रभावित परिवारों का आवंटित करने की मांग कर रहे हैं।
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बीती शाम को तहसीलदार आशीष घिल्डियाल और पुनर्वास विभाग के ईई धीरेंद्र नेगी ग्रामीणों से वार्ता के लिए धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत लोगों से कहा कि भूमि आवंटन के लिए कार्रवाई चल रही है। दूसरे दिन मांग के समर्थन में कुलदीप पंवार, दिनेश पंवार, बालम पंवार, ग्राम प्रधान संगीत देवी, विजयपाल नेगी, गब्बर पंवार, नितिन कंसवाल, मदन मोहन कंसवाल, कौंरी देवी, सोबनी देवी, उषा देवी, राजेश पंवार, प्रमोद पंवार, हुकम पंवार, विकास पंवार, वंदना देवी, दीपा राणा, लक्ष्मी देवी, मीना देवी, रजनी देवी ने धरना दिया।
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