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चांठी-डोबरा पुल निर्माण में मौसम डाल रहा खलल
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मौसम की बेरुखी चांठी-डोबरा पुल निर्माण में भी खलल डाल रही है। फरवरी बीतने को है, लेकिन तापमान में वृद्धि नहीं हो पाई है। तापमान न बढ़ने कारण पुल के ऊपर 15 फरवरी से प्रस्तावित मास्टिक (डामर) बिछाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। लोनिवि अब तापमान बढ़ने और मौसम साफ होने के इंतजार में है। लोनिवि को उम्मीद है कि मार्च दूसरे सप्ताह तक तापमान बढ़ जाएगा। जिसके बाद मास्टिक बिछाने का काम शुरू हो सकेगा।
प्रतापनगर के आवागमन को 14 साल से बन रहे चांठी-डोबरा का निर्माण कार्य में अंतिम चरण में है, लेकिन पुल निर्माण कार्य में मौसम खलल डाल रहा है। कई वर्षों बाद इस बार की सर्दी का मौसम काफी ठंडा रहा है। तीन बार बर्फ पड़ने से लेकर निरंतर बारिश भी हो रही है। लोनिवि ने 730 मीटर लंबे पुल पर 15 फरवरी से मास्टिक बिछाने (डामर) का लक्ष्य रखा था। मास्टिक बिछाने के लिए तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से अधिक होना चाहिए। बावजूद वर्तमान में डोबरा का अधिकतम तापमान 18 से 20 डिग्री ही है, जो लोहे के ऊपर मास्टिक बिछाने के लिए अनुकूल नहीं है। इसके साथ ही बारिश और बर्फ के कारण चल रही तेज हवा भी निर्माण कार्य में बाधा बन रही है। टावरों पर पेंटिंग में लगे मजदूरों को भी हवा के चलते दिक्कत हो रही है। अब लोनिवि को उम्मीद है कि मार्च के दूसरे सप्ताह तक मौसम में बदलाव होगा। मास्टिक बिछाने में करीब 15 से 20 दिन लगेंगे। ऐसे में मार्च माह में मास्टिक बिछेगा। इसके बाद लोनिवि पुल के ऊपर वाहनों की लोडिंग की टेस्टिंग करेगा। टेस्टिंग में भी कम से कम 10 दिन लगेंगे।
पुल के ऊपर मास्टिक बिछाने के लिए मौसम अनुकूल चाहिए। वर्तमान में तापमान में कम है। मार्च दूसरे सप्ताह तक मौसम का तापमान ठीक हो जाएगा। इसके बाद मास्टिक बिछाने का काम शुरू होगा।
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-एसएस मखलोगा, ईई लोनिवि चांठी-डोबरा पुल।
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प्रतापनगर के आवागमन को 14 साल से बन रहे चांठी-डोबरा का निर्माण कार्य में अंतिम चरण में है, लेकिन पुल निर्माण कार्य में मौसम खलल डाल रहा है। कई वर्षों बाद इस बार की सर्दी का मौसम काफी ठंडा रहा है। तीन बार बर्फ पड़ने से लेकर निरंतर बारिश भी हो रही है। लोनिवि ने 730 मीटर लंबे पुल पर 15 फरवरी से मास्टिक बिछाने (डामर) का लक्ष्य रखा था। मास्टिक बिछाने के लिए तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से अधिक होना चाहिए। बावजूद वर्तमान में डोबरा का अधिकतम तापमान 18 से 20 डिग्री ही है, जो लोहे के ऊपर मास्टिक बिछाने के लिए अनुकूल नहीं है। इसके साथ ही बारिश और बर्फ के कारण चल रही तेज हवा भी निर्माण कार्य में बाधा बन रही है। टावरों पर पेंटिंग में लगे मजदूरों को भी हवा के चलते दिक्कत हो रही है। अब लोनिवि को उम्मीद है कि मार्च के दूसरे सप्ताह तक मौसम में बदलाव होगा। मास्टिक बिछाने में करीब 15 से 20 दिन लगेंगे। ऐसे में मार्च माह में मास्टिक बिछेगा। इसके बाद लोनिवि पुल के ऊपर वाहनों की लोडिंग की टेस्टिंग करेगा। टेस्टिंग में भी कम से कम 10 दिन लगेंगे।
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पुल के ऊपर मास्टिक बिछाने के लिए मौसम अनुकूल चाहिए। वर्तमान में तापमान में कम है। मार्च दूसरे सप्ताह तक मौसम का तापमान ठीक हो जाएगा। इसके बाद मास्टिक बिछाने का काम शुरू होगा।
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-एसएस मखलोगा, ईई लोनिवि चांठी-डोबरा पुल।