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टैंकों की सफाई नहीं कर रहा जल संस्थान
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दूषित पेयजल कई बीमारियों को आमंत्रण दे सकता है। इसलिए डाक्टर शरीर को स्वस्थ रखने के लिए साफ पानी पीने की सलाह देते हैं। लेकिन जल संस्थान जिला मुख्यालय के लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है।
जिला मुख्यालय सहित आसपास गांव की 40 हजार की आबादी को नई टिहरी पंपिंग योजना से टिहरी झील के पानी की आपूर्ति कराई जाती है। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति कराने के लिए जल संस्थान यहां कई टैंकों में पानी स्टोर करता है। लेकिन जल संस्थान पेयजल वितरण टैंकों की सफाई नहीं कर पा रहा है। संस्थान का कहना है कि पेयजल स्टोर टैंकों की सफाई हर छह माह में कराई जाती है, लेकिन वसंत विहार में स्थित 750 केएल के टैंक पर अंकित तिथि से स्पष्ट है कि वर्ष 2018 से टैंक की सफाई नहीं की गई है। टैंक पर अग्रिम सफाई की तिथि 31 मार्च 2019 दर्ज की गई है। लेकिन नोटिस बोर्ड पर अंकित तिथि के मुताबिक ढाई साल से भी अधिक समय से टैंक की सफाई नहीं हो पाई है। जिला अस्पताल बौराड़ी के सीएमएस डा. अमित राय कहते हैं कि दूषित पानी से पीलिया, टाइफाइड और पेट की कई बीमारियां हो सकती है। ईई सतीशचंद्र नौटियाल का कहना है कि पानी के टैंकों की सफाई हर छह माह में की जाती है। कई बार टैंक की सफाई तो की जाती है, लेकिन नोटिस बोर्ड पर तिथि अंकित करने के लिए पेंटर नहीं मिल पाता है।
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जिला मुख्यालय सहित आसपास गांव की 40 हजार की आबादी को नई टिहरी पंपिंग योजना से टिहरी झील के पानी की आपूर्ति कराई जाती है। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति कराने के लिए जल संस्थान यहां कई टैंकों में पानी स्टोर करता है। लेकिन जल संस्थान पेयजल वितरण टैंकों की सफाई नहीं कर पा रहा है। संस्थान का कहना है कि पेयजल स्टोर टैंकों की सफाई हर छह माह में कराई जाती है, लेकिन वसंत विहार में स्थित 750 केएल के टैंक पर अंकित तिथि से स्पष्ट है कि वर्ष 2018 से टैंक की सफाई नहीं की गई है। टैंक पर अग्रिम सफाई की तिथि 31 मार्च 2019 दर्ज की गई है। लेकिन नोटिस बोर्ड पर अंकित तिथि के मुताबिक ढाई साल से भी अधिक समय से टैंक की सफाई नहीं हो पाई है। जिला अस्पताल बौराड़ी के सीएमएस डा. अमित राय कहते हैं कि दूषित पानी से पीलिया, टाइफाइड और पेट की कई बीमारियां हो सकती है। ईई सतीशचंद्र नौटियाल का कहना है कि पानी के टैंकों की सफाई हर छह माह में की जाती है। कई बार टैंक की सफाई तो की जाती है, लेकिन नोटिस बोर्ड पर तिथि अंकित करने के लिए पेंटर नहीं मिल पाता है।
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