{"_id":"5e6a6b4e8ebc3ea4e62ce670","slug":"waiting-for-april-for-a-smooth-journey-new-tehri-news-drn3389822186","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुगम सफर के लिए अभी अप्रैल का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुगम सफर के लिए अभी अप्रैल का इंतजार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चारधाम यात्रा के मुख्य मार्ग गडोलियाल-घनसाली मोटर पर सुगम सफर के लिए लोगों को अप्रैल तक का इंतजार करना पड़ेगा। सड़क की सेहत सुधारने के लिए लोनिवि को बजट मिल चुका है, लेकिन सड़क के डामरीकरण के लिए मौसम अनुकूल न होने से अप्रैल में सुधारीकरण का कार्य शुरू होगा।
चारधाम यात्रा, जाखणीधार और भिलंगना ब्लाक से लेकर रुद्रप्रयाग जिले को जोड़ने वाला गडोलिया-घनसाली मार्ग लोनिवि की लापरवाही से बदहाल बना हुआ है। 18 किमी मोटर मार्ग के शुरूआती तीन-चार किमी डामरीकरण न होने के अभाव में खस्ताहाल बना हुआ है। मार्ग के करीब दर्जनों स्थानों पर सड़क पर डाला गया डामर पूरी तरह से उखड़ गया है। मार्ग की सबसे ज्यादा खराब स्थिति जाखधार, मौलनों, असेना, पड़ागली, गौजियाण आदि स्थानों पर हैं। यहां पर पूरी तरह से डामर उखड़ने से सड़क पर बने गड्ढे राह चलते लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। ग्रामीण लंबे समय से मार्ग का हॉटमिक्स डामरीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन लोनिवि मांग को गंभीरता से नही ले रहा है। ईई दिनेश चंद्र नौटियाल का कहना है कि मौसम खराबी के कारण डामरीकरण नहीं हो पाया है। धूप खिलते ही डामर बिछाया जाएगा।
विज्ञापन
चारधाम यात्रा, जाखणीधार और भिलंगना ब्लाक से लेकर रुद्रप्रयाग जिले को जोड़ने वाला गडोलिया-घनसाली मार्ग लोनिवि की लापरवाही से बदहाल बना हुआ है। 18 किमी मोटर मार्ग के शुरूआती तीन-चार किमी डामरीकरण न होने के अभाव में खस्ताहाल बना हुआ है। मार्ग के करीब दर्जनों स्थानों पर सड़क पर डाला गया डामर पूरी तरह से उखड़ गया है। मार्ग की सबसे ज्यादा खराब स्थिति जाखधार, मौलनों, असेना, पड़ागली, गौजियाण आदि स्थानों पर हैं। यहां पर पूरी तरह से डामर उखड़ने से सड़क पर बने गड्ढे राह चलते लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। ग्रामीण लंबे समय से मार्ग का हॉटमिक्स डामरीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन लोनिवि मांग को गंभीरता से नही ले रहा है। ईई दिनेश चंद्र नौटियाल का कहना है कि मौसम खराबी के कारण डामरीकरण नहीं हो पाया है। धूप खिलते ही डामर बिछाया जाएगा।
विज्ञापन