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डिग्री का इंतजार हुआ खत्म
ब्यूरो/ अमर उजाला नई टिहरी
Updated Thu, 04 Feb 2016 09:39 PM IST
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श्रीदेव सुमन विवि के 12 हजार छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर है। चार साल बाद विवि प्रशासन सत्र 2012-13 में यूजी और पीजी की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके छात्रों की डिग्रियां तैयार कर ली है। डिग्री प्राप्त करने के लिए छात्र-छात्राएं अब विवि में आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन करने के 20 दिन के अंतराल में छात्र-छात्राओं को डिग्री डाकघर के माध्यम से घर के पते पर ही मिलेगी।
गढ़वाल विवि ने सत्र 2012-13 में यूजी और पीजी प्रथम वर्ष की प्राइवेट परीक्षा दीनदयाल विवि (जो वर्तमान में श्रीदेव सुमन विवि है) के नाम से आयोजित थी। गढ़वाल विवि ने श्रीदेव सुमन विवि के लोगो पर छात्र-छात्राओं को अंकतालिका तो निर्गत कर दी थी, लेकिन डिग्री जारी करने से इनकार कर दिया था, जिससे करीब 12 हजार छात्रों का भविष्य चार साल से अधर में लटका हुआ था। नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए छात्र डिग्री जमा नहीं कर पा रहे थे। इसके लिए दोनों विश्वविद्यालयों के अधिकारी एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे थे। मामला शासन स्तर पर पहुंचा, तो शासन ने दोनों विवि में तालमेल बनाकर डिग्री निर्गत करने का रास्ता निकाला। शासन ने श्रीदेव सुमन विवि को गढ़वाल विवि से परीक्षा परिणाम की पत्रावलियां और अंक पत्रों की प्रूफ चेकिंग के बाद डिग्री जारी करने को कहा था। अब श्रीदेव सुमन विवि ने सत्र 2012-13 में यूजी और पीजी की प्राइवेट परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके 12 हजार अभ्यर्थियों की डिग्री तैयार कर ली है। कभी भी छात्र-छात्राएं डिग्री के लिए विवि में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
कोट
गढ़वाल विवि से सत्र 2012-13 में परीक्षा दे चुके अभ्यर्थियों का पूरा डाटा लेकर डिग्री तैयार कर ली गई है। डिग्रियों पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। अपनी उपाधि प्राप्त करने के लिए छात्र-छात्राएं विवि में आवेदन जमा कर सकते हैं।
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-डा. यूएस रावत, कुलपति, श्रीदेव सुमन विवि बादशाहीथौल
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गढ़वाल विवि ने सत्र 2012-13 में यूजी और पीजी प्रथम वर्ष की प्राइवेट परीक्षा दीनदयाल विवि (जो वर्तमान में श्रीदेव सुमन विवि है) के नाम से आयोजित थी। गढ़वाल विवि ने श्रीदेव सुमन विवि के लोगो पर छात्र-छात्राओं को अंकतालिका तो निर्गत कर दी थी, लेकिन डिग्री जारी करने से इनकार कर दिया था, जिससे करीब 12 हजार छात्रों का भविष्य चार साल से अधर में लटका हुआ था। नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए छात्र डिग्री जमा नहीं कर पा रहे थे। इसके लिए दोनों विश्वविद्यालयों के अधिकारी एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे थे। मामला शासन स्तर पर पहुंचा, तो शासन ने दोनों विवि में तालमेल बनाकर डिग्री निर्गत करने का रास्ता निकाला। शासन ने श्रीदेव सुमन विवि को गढ़वाल विवि से परीक्षा परिणाम की पत्रावलियां और अंक पत्रों की प्रूफ चेकिंग के बाद डिग्री जारी करने को कहा था। अब श्रीदेव सुमन विवि ने सत्र 2012-13 में यूजी और पीजी की प्राइवेट परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके 12 हजार अभ्यर्थियों की डिग्री तैयार कर ली है। कभी भी छात्र-छात्राएं डिग्री के लिए विवि में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
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गढ़वाल विवि से सत्र 2012-13 में परीक्षा दे चुके अभ्यर्थियों का पूरा डाटा लेकर डिग्री तैयार कर ली गई है। डिग्रियों पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। अपनी उपाधि प्राप्त करने के लिए छात्र-छात्राएं विवि में आवेदन जमा कर सकते हैं।
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-डा. यूएस रावत, कुलपति, श्रीदेव सुमन विवि बादशाहीथौल