टिहरी बांध विस्थापित कठिया गांव के ग्रामीणों ने आवासीय भूखंड आवंटन किए बिना ही उनकी जमीन पर निर्माण कार्य फिर से शुरू करने पर रोष व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कार्य स्थल पर पहुंचकर निर्माण में लगी जेसीबी और ट्रक को रोककर लौटा दिया। कहा कि टीएचडीसी ने उन्हें आवासीय भूखंड देने का वायदा किया था, लेकिन अब वह वादाखिलाफी कर जबरन निर्माण कर रही है।
टिहरी बांध के लिए भागीरथीपुरम के पास कठिया गांव की भूमि को अधिग्रहण किए जाने बाद टीएचडीसी ने 35 परिवारों को 200-200 वर्ग मीटर के आवासीय भूखंड देने थे, लेकिन अब टीएचडीसी अपने वायदे से मुकर रही है। टीएचडीसी ने कठिया गांव के लोगों की जमीन पर डिपार्टमेंटल भवन बनाने का कार्य शुरू किया। जिसका ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान 19 अप्रैल को टीएचडीसी ने एसडीएम टिहरी से कार्य शुरू करने की अनुमति ले ली, जिसके बाद ग्रामीणों ने एसडीएम को पत्र लिखकर वस्तुस्थित से अवगत कराया। एसडीएम टिहरी ने चार मई को टीएचडीसी से स्थति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। बुधवार को कठिया गांव के लोगों ने निर्माण में लगे ट्रक, मशीनों से काम बंद करा दिया। कहा कि यदि जबरन उनकी भूमि पर कार्य शुरू कराया तो वह भूख हड़ताल शुरू करेंगे। इस मौके पर चंद्रा देवी, महिपाल सिंह, वीरा देवी, अहिल्या देवी, कुसुम देवी, शीशपाल सिंह, रमेश सिंह, हुकम सिंह, कौशल्या देवी, जीत सिंह आदि मौजूद थे। वहीं इस संबंध में टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक वीके बडोनी का कहना है कि इनका पूर्व में भुगतान किया जा चुका है, वर्तमान में कोई प्रकरण लंबित नहीं है। यह अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। यह प्रकरण पहले भी कॉडिनेशन कमेटी में अस्वीकार हो चुका है।