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Tehri News: आपदाग्रस्त गेंवाली गांव की सुध नहीं लेने पर ग्रामीण मुखर
Tue, 27 Jan 2026 07:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Tue, 27 Jan 2026 07:47 PM IST
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जल्द समस्या हल नहीं होने पर 10 फरवरी से आंदोलन की चेतावनी
बोले, पुल निर्माण, संचार सुविधा और क्षतिग्रस्त संपत्तियों की नहीं हो पाई है मरम्मत
नई टिहरी। भिलंगना ब्लाॅक में आपदाग्रस्त ग्राम पंचायत गेंवाली की समस्याएं दो साल बाद भी हल नहीं हो पाई है। ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में आंदोलन किए जाने पर जल्द समस्या हल किए जाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने 20 फरवरी से दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी है।
भिलंगना ब्लॉक के सीमांत गेंवाली गांव की प्रधान विजेश्वरी देवी और पूर्व प्रधान बचन सिंह रावत ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि गेंवाली गांव में अगस्त 2024-25 में आई आपदा के कारण गेंवाली नदी से गांव तक की सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी लेकिन अभी तक उसकी मरम्मत नहीं हो पाई है। वर्ष 2024 में आपदा से क्षतिग्रस्त उच्च प्राथमिक स्कूल के लिए जमीन देने के बाद भी स्कूल भवन निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। गांव की पेयजल लाइनों की मरम्मत भी नहीं हो पाई है। क्षेत्र में संचार सुविधा की मांग भी अधर में लटकी हुई है।
प्रधान ने बताया कि गांव को जोड़ने के लिए गेंवाली गाड पर निर्माणाधीन पुल का कार्य 2022 में पूरा होना था लेकिन अभी तक अधर में लटका हुआ है। जिससे ग्रामीणों को भारी सामान घर पहुंचाने के लिए 200 रुपये खच्चर भाड़ा देना पड़ रहा है। आपदा प्रभावित 43 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग भी पूरी नहीं हो पाई है जिससे ग्रामीणों को खतरों के साए में रहना पड़ रहा है।
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गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य भी अधर में लटका है। पूर्व प्रधान ने कहा कि भूख हड़ताल करने पर अधिकारी आश्वासन देते हैं लेकिन उसके बाद कोई सुध नहीं लेता है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
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बोले, पुल निर्माण, संचार सुविधा और क्षतिग्रस्त संपत्तियों की नहीं हो पाई है मरम्मत
नई टिहरी। भिलंगना ब्लाॅक में आपदाग्रस्त ग्राम पंचायत गेंवाली की समस्याएं दो साल बाद भी हल नहीं हो पाई है। ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में आंदोलन किए जाने पर जल्द समस्या हल किए जाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने 20 फरवरी से दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी है।
भिलंगना ब्लॉक के सीमांत गेंवाली गांव की प्रधान विजेश्वरी देवी और पूर्व प्रधान बचन सिंह रावत ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि गेंवाली गांव में अगस्त 2024-25 में आई आपदा के कारण गेंवाली नदी से गांव तक की सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी लेकिन अभी तक उसकी मरम्मत नहीं हो पाई है। वर्ष 2024 में आपदा से क्षतिग्रस्त उच्च प्राथमिक स्कूल के लिए जमीन देने के बाद भी स्कूल भवन निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। गांव की पेयजल लाइनों की मरम्मत भी नहीं हो पाई है। क्षेत्र में संचार सुविधा की मांग भी अधर में लटकी हुई है।
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प्रधान ने बताया कि गांव को जोड़ने के लिए गेंवाली गाड पर निर्माणाधीन पुल का कार्य 2022 में पूरा होना था लेकिन अभी तक अधर में लटका हुआ है। जिससे ग्रामीणों को भारी सामान घर पहुंचाने के लिए 200 रुपये खच्चर भाड़ा देना पड़ रहा है। आपदा प्रभावित 43 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग भी पूरी नहीं हो पाई है जिससे ग्रामीणों को खतरों के साए में रहना पड़ रहा है।
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गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य भी अधर में लटका है। पूर्व प्रधान ने कहा कि भूख हड़ताल करने पर अधिकारी आश्वासन देते हैं लेकिन उसके बाद कोई सुध नहीं लेता है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।