{"_id":"56ffe91e4f1c1bd672f001dc","slug":"two-and-a-half-thousand-people-depend-on-hand-pumps","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो हैंडपंपों पर डेढ़ हजार आबादी निर्भर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो हैंडपंपों पर डेढ़ हजार आबादी निर्भर
अमर उजाला/ कंडीसौड़ (टिहरी)।
Updated Sat, 02 Apr 2016 09:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थौलधार ब्लॉक में नगुण पट्टी के ग्राम भेटी-मजियाड़ी के ग्रामीण चार साल से पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। पेयजल स्रोत और आधी लाइन सड़क निर्माण के मलबे से दबने के बाद डेढ़ हजार की आबादी दो हैंडपंपों के भरोसे हैं। ग्रामीण लगातार जल निगम से योजना बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी है।
विज्ञापन
मंजियाड़ी और भेटी के ग्रामीणों को पेयजल संकट से निजात नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण चार साल से नई लाइन बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। प्रधान विजला देवी, कर्ण सिंह राणा और गरीब दास ने बताया कि स्रोत और आधी लाइन वर्ष 2012 में नागराजाधार-उनियालगांव मोटर मार्ग चौड़ीकरण के मलबे से दब गई थी, जो अब पूरी तरह से सूख गई है। तब से डेढ़ हजार की आबादी दो हैंडपंप के सहारे है। उसमें से एक पर पानी कम आ रहा है। उन्होंने बताया कि गांव से आधा किमी दूर लगे हैंडपंप से दिनभर पानी ढोने के बाद भी पूर्ति नहीं हो पा रही है। जल निगम को घियाकोटी के कखाड़ीखाल गाड से नई योजना बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उस प्रस्ताव पर कोई प्रगति नहीं हुई है। इस बाबत निगम के ईई आलोक कुमार ने बताया कि योजना बनाने के लिए शासन को 80 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है, जो अभी तक स्वीकृत नहीं हो पाया है।
विज्ञापन