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सुरंग से क्षतिग्रस्त भवनों का मुआवजा दिया जाए
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ऑल वेदर परियोजना के तहत ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर चंबा में बनाई गई सुरंग के कारण क्षतिग्रस्त भवनों और परिसंपत्तियों का मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रभावितों ने डीएम को ज्ञापन दिया है। डीएम ने भवन क्षतिपूर्ति मूल्यांकन सहित अन्य सुरक्षात्मक उपाय करने के लिए मूल्यांकन समिति का गठन करने के निर्देश दिए।
ऑल वेदर रोड की सुरंग से प्रभावित चंबा ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि सुरंग के कारण उनके मकानों और जमीन पर लंबी दरारें पड़ी हैं, जिससे जुलाई में मंज्यूड निवासी सोबन सिंह नेगी का मकान टूट गया था। मठियाणगांव, मंज्यूड़ और दिखोलगांव में भी कई मकानों पर दरारें पड़ी हुई है, जिससे ग्रामीणों को जर्जर मकानों में जोखिम के साथ रहना पड़ रहा है।
ज्ञापन देने वालों में देव प्रकाश कोठियाल, संजय नेगी, वीरेंद्र कोठियाल, राजेंद्र सिंह, रामचंद्र डबराल, चंडी प्रसाद कोठियाल, लक्ष्मीकांत, राकेश कोठियाल, सोबन सिंह आदि शामिल रहे। उधर, चंबा सुरंग के मामले में डीएम इवा ने बीआरओ के अधिकारियों की बैठक बुलाकर भवन क्षतिपूर्ति का मूल्यांकन सहित अन्य सुरक्षात्मक उपाय करने के लिए समिति का गठन करने के निर्देश दिए। समिति में बीआरओ के इंजीनियर, भू-वैज्ञानिक, राजस्व और लोनिवि के अधिकारी को शामिल करने को कहा गया। डीएम ने बताया कि सुरंग के कारण 24 मकानों को क्षति पहुंचने की जानकारी मिली है। उन्होंने डंपिंग जोन से जौलंगी गांव में हुई क्षति और धारकोट में मुख्य सड़क के ऊपर भूस्खलन से हुए नुकसान की रिपोर्ट भी मांगी है। बैठक में बीआरओ के कमांडर विनोद कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम पीआर चैहान, कमान अधिकारी यश श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
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ऑल वेदर रोड की सुरंग से प्रभावित चंबा ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि सुरंग के कारण उनके मकानों और जमीन पर लंबी दरारें पड़ी हैं, जिससे जुलाई में मंज्यूड निवासी सोबन सिंह नेगी का मकान टूट गया था। मठियाणगांव, मंज्यूड़ और दिखोलगांव में भी कई मकानों पर दरारें पड़ी हुई है, जिससे ग्रामीणों को जर्जर मकानों में जोखिम के साथ रहना पड़ रहा है।
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ज्ञापन देने वालों में देव प्रकाश कोठियाल, संजय नेगी, वीरेंद्र कोठियाल, राजेंद्र सिंह, रामचंद्र डबराल, चंडी प्रसाद कोठियाल, लक्ष्मीकांत, राकेश कोठियाल, सोबन सिंह आदि शामिल रहे। उधर, चंबा सुरंग के मामले में डीएम इवा ने बीआरओ के अधिकारियों की बैठक बुलाकर भवन क्षतिपूर्ति का मूल्यांकन सहित अन्य सुरक्षात्मक उपाय करने के लिए समिति का गठन करने के निर्देश दिए। समिति में बीआरओ के इंजीनियर, भू-वैज्ञानिक, राजस्व और लोनिवि के अधिकारी को शामिल करने को कहा गया। डीएम ने बताया कि सुरंग के कारण 24 मकानों को क्षति पहुंचने की जानकारी मिली है। उन्होंने डंपिंग जोन से जौलंगी गांव में हुई क्षति और धारकोट में मुख्य सड़क के ऊपर भूस्खलन से हुए नुकसान की रिपोर्ट भी मांगी है। बैठक में बीआरओ के कमांडर विनोद कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम पीआर चैहान, कमान अधिकारी यश श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
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