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Tehri News: जिले के अस्पतालों में स्थायी बर्न वार्ड ही नहीं
Sat, 07 Nov 2026 04:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sat, 07 Nov 2026 04:47 PM IST
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नई टिहरी। जिले के किसी भी अस्पताल में स्थाई बर्न वार्ड की सुविधा न होने से मरीजों को उपचार की सुविधा नहीं मिल पाती है। आतिशबाजी से झुलसने की घटना पर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश और कोरोनेशन अस्पताल देहरादून का रुख करना पड़ेगा। दीपावली के त्योहार पर अस्पताल की ओर से अभी तक कोई हेल्पलाइन नंबर भी जारी नहीं किया गया है।
दीपावली के त्योहार पर आम तौर पर आगजनी की घटनाओं की संभावना बनी रहती है। आतिशबाजी से झुलसने की घटनाएं भी सामने आती है। जिला अस्पताल बौराड़ी और उप जिला अस्पताल नरेंद्रनगर में मरीजों के उपचार के लिए स्थायी बर्न वार्ड की सुविधा नहीं होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पतालों में त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों भी नहीं है। हालांकि जिला अस्पताल में सामान्य सर्जरी डॉक्टर कार्यरत है। आतिशबाजी के दौरान छोटी लापरवाही भारी जीवन पड़ सकती है।
जिला अस्पताल के डॉक्टरों का कहना कि दीपावली पर आतिशबाजी के समय विशेषकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिजन सतर्क रहने की आवश्यकता है। पटाखे जलाने के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता है। जरा सी लापरवाही शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कहा कि झुलसने आदि की घटना होने पर बिना देरी किए हुए मरीज को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार करना चाहिए।
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दीपावली के त्योहार को देखते हुए जिला अस्पताल में पांच बेड को रिजर्व रखे गए हैं जिसमें से एक आईसीयू और चार बेड जनरल वार्ड में आरक्षित किए गए है। आवश्यकता पड़ने पर सर्जरी अनुभाग में भी बेड की उपलब्धता की जाएगी।
डॉ़. बृजेश डोभाल, सीएमएस जिला अस्पताल बौराड़ी।
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दीपावली के त्योहार पर आम तौर पर आगजनी की घटनाओं की संभावना बनी रहती है। आतिशबाजी से झुलसने की घटनाएं भी सामने आती है। जिला अस्पताल बौराड़ी और उप जिला अस्पताल नरेंद्रनगर में मरीजों के उपचार के लिए स्थायी बर्न वार्ड की सुविधा नहीं होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पतालों में त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों भी नहीं है। हालांकि जिला अस्पताल में सामान्य सर्जरी डॉक्टर कार्यरत है। आतिशबाजी के दौरान छोटी लापरवाही भारी जीवन पड़ सकती है।
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जिला अस्पताल के डॉक्टरों का कहना कि दीपावली पर आतिशबाजी के समय विशेषकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिजन सतर्क रहने की आवश्यकता है। पटाखे जलाने के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता है। जरा सी लापरवाही शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कहा कि झुलसने आदि की घटना होने पर बिना देरी किए हुए मरीज को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार करना चाहिए।
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दीपावली के त्योहार को देखते हुए जिला अस्पताल में पांच बेड को रिजर्व रखे गए हैं जिसमें से एक आईसीयू और चार बेड जनरल वार्ड में आरक्षित किए गए है। आवश्यकता पड़ने पर सर्जरी अनुभाग में भी बेड की उपलब्धता की जाएगी।
डॉ़. बृजेश डोभाल, सीएमएस जिला अस्पताल बौराड़ी।