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जंगलों की राख से हेंवल नदी हुई काली
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
Updated Tue, 14 Jun 2016 10:51 PM IST
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पिछले दिनों सकलाना रेंज के जंगलों में आग लग गई थी। अब जले पेड़ों की राख बारिश से हेंवल नदी में बह रही है। नदी का पानी पूरा काला होने के कारण जल संस्थान पानी की पंपिंग नहीं कर पा रहा है। इसके चलते चंबा सहित दर्जनों गांवों में पानी की समस्या विकराल रूप धारण करने लगी है।
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सोमवार को हेंवल नदी के कैचमेंट एरिया में बसे पुजाल्डी और खुरेत गांव में खूब बारिश हुई, जिससे जंगलों से आई राख और मिट्टी ने हेंवल नदी के पानी को गंदा कर दिया है। साफ पानी नहीं मिलने से सोमवार से जल संस्थान का पंपिंग स्टेशन बंद पड़ा है।
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विभाग के अधिकारियों ने पानी को साफ करने के लिए दवाओं का सहारा भी लिया, लेकिन सफलता नहीं मिली। हेंवल नदी चंबा, बादशाहीथौल, रानीचौरी, स्यूटा, भंडार गांव सहित दर्जनों गांवों की प्यास बुझाने का एक मात्र सहारा है। ऐसे में पंपिंग योजना ठप होने से क्षेत्र में पानी का संकट पैदा हो गया है।
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अब पानी साफ नहीं होने पर विभाग टैंकरों से पानी की सप्लाई करने की तैयारी कर रहा है। नगरवासी हिमांशु बहुगुणा, डीएल सकलानी, अंकित सेमवाल का कहना है कि नगर क्षेत्र में दो दिनों से पानी नहीं आने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पर्यावरणविद् चंडी प्रसाद भट्ट का कहना है कि सिंचित खेतों की मिट्टी बारिश में बहने से फसलों के उपजाऊ पर इसका असर पडे़गा।
हेंवल नदी में जंगलों की आग की राख और मिट्टी बहकर आ गई है। इसे साफ करने के लिए दवाओं की भी मदद ली गई थी, लेकिन पानी साफ नहीं हो पाया।
- नीरज त्रिपाठी जेई, जल संस्थान चंबा