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राष्ट्र के पुनर्निर्माण और संस्कृति की दी शिक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
Updated Sat, 25 Jun 2016 10:08 PM IST
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राज्य स्तरीय अभ्यास वर्ग के दूसरे दिन कार्यकर्ताओं को राष्ट्र का पुनर्निर्माण, पुरातन संस्कृति, अनुशासन, चरित्र निर्माण आदि की शिक्षा दी गई। वक्ताओं ने कहा एबीवीपी केवल छात्रसंघ चुनाव तक ही सीमित न रहे, बल्कि समाज को आगे बढ़ाने, युवाओं को नशा की प्रवृत्ति से दूर करने, भ्रष्टाचार को मिटाने और राष्ट्र विरोधी ताकतों का मुखरता के साथ मुकाबला करने का काम करें।
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अभ्यास वर्ग के दूसरे का शुभारंभ वंदे मातरम और राष्ट्रगान से शुरू हुआ। क्षेत्रीय संगठन मंत्री संजय पाचपोर ने अभाविप की कार्य पद्धति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एबीवीपी संगठन केवल राष्ट्रवादी है। राष्ट्रीय छात्रा प्रमुख ममता यादव ने एबीवीपी की पहचान पूरे देश में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में हैं।
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ऐसे में एबीवीपी केवल छात्रसंघ चुनाव तक ही सीमित न रहे। महाराष्ट्र के प्रांत संगठन मंत्री देवदत्त जोशी ने कहा कि कार्यकर्ताओं को समाज को सही दिशा दिखाने के लिए जनजागरण कर बुराईयों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत श्रीवास्तव ने रचनात्मक, दलगत व सत्तावादी राजनीति से उठकर काम करने, राष्ट्र का पुनर्निर्माण, पुरातन संस्कृति आदि की जानकारी दी।
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पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रो. अरुण बहुगुणा ने कर्तव्य निष्ठा से संगठन को आगे बढ़ाने के गुर सिखाए। इस मौके पर प्रदेश मंत्री लोकेश काला, प्रो. जगत सिंह बिष्ट, बालराम प्रसाद, गौरव रस्तोगी, दीपक शर्मा, सुधीर जोशी, राजेंद्र राठौर, भान सिंह नेगी, डा. अरविंद पैन्यूली, अंशुमान रावत, आशीष रावत, विकास चमोली, विकास भट्ट, मनीष राणा, अमित रतूड़ी, परमजीत राणा, अमित तोपवाल, श्वेतांक त्रिपाठी, मेघा, दिव्या, योगिता जोशी आदि मौजूद थे।