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फाइलों में सिमट कर रह गई युवाओं को स्वरोजगार देने की योजना

Mon, 25 Oct 2021 10:21 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 25 Oct 2021 10:21 PM IST
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The plan to give self-employment to the youth remained confined in the files
थौलधार ब्लॉक के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की उद्योग विभाग की मुहिम परवान नहीं चढ़ पा रही है। लघु और कुटीर उद्योग स्थापित करने के लिए 31 साल पहले सरोट डोबन में अधिग्रहण की गई भूमि भी नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई है, लेकिन उद्योग विभाग की फर्नीचर, सीमेंट जाली, साबुन, मोमबत्ती, अगरबत्ती, आटा और मसाला चक्की स्थापित की योजना सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गई है। भूमिधर लोगों का कहना है जो भूमि शेष बची है यदि सरकार उस जमीन पर स्वरोजगार स्थापित नहीं कर पा रही तो भूमि उन्हें लौटाई जानी चाहिए।
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थौलधार के सरोट-डोबन में लघु और कुटरी उद्योग स्थापित करने के लिए उद्योग विभाग ने वर्ष 1990 में ग्रामीणों की 6500 वर्ग मीटर भूमि अधिग्रहण की थी, जिसमें से लगभग 400 वर्ग मीटर भूमि गनुण-भवान मार्ग और 200 से ज्यादा वर्ग मीटर भूमि ऑलवेदर परियोजना निर्माण की जद में पिछले साल आ गई है। शेष बची भूमि पर उद्योग विभाग ने फर्नीचर, सीमेंट जाली, साबुन, मोमबत्ती, अगरबत्ती, आटा और मसाला चक्की स्थापित कर लॉटरी के माध्यम से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार देेने की योजना बनाई थी। वर्ष 2019 में उद्योग विभाग ने उक्त भूमि पर सिडकुल के माध्यम से सड़क और गेट निर्माण कार्य भी किया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण के बाद लघु कुटीर उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया सिर्फ फाइलों में ही रेंग रही है।
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मुकंदराम नौटियाल, शूरवीर सिह राणा, सोबत सिंह राणा, बचन सिंह, उम्मेद सिंह पडियार का कहना है कि सरोट डोबन में लघु कुटीर उद्योग स्थापित करने के नाम पर सिर्फ गुमराह किया जा रहा है। स्वरोजगार की योजनाएं धरातल पर कम कागजों में अधिक बन रही हैं। यदि उद्योग विभाग सरोट-डोबन में लघु कुटीर उद्योग स्थापित नहीं कर सकता है तो अधिग्रहण की गई भूमि ग्रामीणों को लौटाई जानी चाहिए। ताकि वे अपनी बंजर भूमि पर कृषि, बागवानी कर सकें।
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परियोजना निर्माण में कटी अधिकांश भूमि
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक महेश प्रकाश का कहना है कि सरोट डोबन की अधिकांश भूमि ऑल वेदर परियोजना निर्माण में कट गई है। अब लगभग 700 वर्ग मीटर भूमि बची है। शेष बची भूमि पर कंडीसौड़ तहसील के स्तर पर सीमांकन की कार्रवाई चल रही है। सीमांकन के बाद दोबारा से लघु-कुटीर उद्योग शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। विभाग का प्रयास सरोट डोबन में लोगों को स्वरोजगार देने का प्रयास किया जा रहा है। विभागीय उच्च अधिकारियों से इस संबंध में कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है।
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