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झील में ब्रिज की मांग नहीं हो पाई पूरी
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
Updated Mon, 16 Jan 2017 10:06 PM IST
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थौलधार प्रखंड स्थित कंडीसौड़ क्षेत्र व चिन्यालीसौड़ ब्लाक की दिचली गमरी पट्टी के पांच दर्जन गांवों के लोग लंबे समय से टिहरी झील में ब्रिज निर्माण की मांग कर रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि चुनाव के समय राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशी महज आश्वासन दे जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद समस्या का समाधान नहीं होता।
झील की दूसरी ओर चिन्यालीसौड़ प्रखंड के मणी, बरोल, खालसी, गडवालगाड, जोगथ, मुंडरसेरा, नैल, सिल, सर्प, डिचली, क्यारी, बनकोट आदि गांवों के लोगों व थौलधार की गुसाईं, नगुन व जुवा पट्टी के दर्जनों गांवों के लोगों को हर रोज एक दूसरे क्षेत्र में आवागमन करना पड़ता है।
लोगों के लिए मोटर बोट लगाई गई है, लेकिन शाम ढलने पर खासकर चिन्यालीसौड़ प्रखंड के गांवों में किसी के बीमार होने पर रोगी को अस्पताल तक पहुंचाने में दिक्कतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोग निवर्तमान सीएम हरीश रावत के साथ ही विजय बहुगुणा, रमेश पोखरियाल निशंक,भुवन चंद्र खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी से भी मांग उठा चुके हैं।
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इतना ही नहीं क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत की बैठक के जरिए सरकार को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, लेकिन इस तरफ किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। क्षेत्रवासी जीत सिंह राणा, पीतांबर दत्त थपलियाल, उम्मेद सिंह रावत, प्रेम सिंह नेगी, जीतराम भट्ट, पुरुषोत्तम दत्त भट्ट आदि का कहना है कि चुनाव के वक्त सभी राजनीतिक दल भरोसा दिलाते हैं, मगर जीतने के बाद नागरिकों की समस्या को भुला दिया जाता है।
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झील की दूसरी ओर चिन्यालीसौड़ प्रखंड के मणी, बरोल, खालसी, गडवालगाड, जोगथ, मुंडरसेरा, नैल, सिल, सर्प, डिचली, क्यारी, बनकोट आदि गांवों के लोगों व थौलधार की गुसाईं, नगुन व जुवा पट्टी के दर्जनों गांवों के लोगों को हर रोज एक दूसरे क्षेत्र में आवागमन करना पड़ता है।
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लोगों के लिए मोटर बोट लगाई गई है, लेकिन शाम ढलने पर खासकर चिन्यालीसौड़ प्रखंड के गांवों में किसी के बीमार होने पर रोगी को अस्पताल तक पहुंचाने में दिक्कतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोग निवर्तमान सीएम हरीश रावत के साथ ही विजय बहुगुणा, रमेश पोखरियाल निशंक,भुवन चंद्र खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी से भी मांग उठा चुके हैं।
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इतना ही नहीं क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत की बैठक के जरिए सरकार को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, लेकिन इस तरफ किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। क्षेत्रवासी जीत सिंह राणा, पीतांबर दत्त थपलियाल, उम्मेद सिंह रावत, प्रेम सिंह नेगी, जीतराम भट्ट, पुरुषोत्तम दत्त भट्ट आदि का कहना है कि चुनाव के वक्त सभी राजनीतिक दल भरोसा दिलाते हैं, मगर जीतने के बाद नागरिकों की समस्या को भुला दिया जाता है।