{"_id":"65cb81a45cb415e730071013","slug":"the-building-built-with-rs-324-crores-was-handed-over-to-the-college-administration-new-tehri-news-c-50-1-sdrn1018-105107-2024-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tehri News: 3.24 करोड़ से बना भवन कॉलेज प्रशासन को सौंपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tehri News: 3.24 करोड़ से बना भवन कॉलेज प्रशासन को सौंपा
विज्ञापन
छात्रों को सुविधाओं के साथ ही और विषयों की स्वीकृति मिलेगी
कंडीसौड़ (टिहरी)। राजकीय महाविद्यालय कमांद का भवन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद काॅलेज प्रशासन को सौंप दिया गया है। करीब सात साल बाद काॅलेज भवन मिलने से जहां अब छात्र-छात्राओं को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, वहीं कला वर्ग के अन्य विषयों के साथ ही विज्ञान संकाय की स्वीकृति मिलने की भी उम्मीद जगी है।
थौलधार क्षेत्र के लोगों की मांग पर वर्ष 2016 में इंटर कालेज के तीन कमरों में अंग्रजी, संस्कृत, हिंदी, इतिहास, सामाजिक विज्ञान और राजनीतिक विज्ञान विषय के साथ महाविद्यालय की शुरूआत की गई थी, लेकिन वहां पर्याप्त कक्षा कक्ष, कार्यालय, शौचालय और पानी आदि की व्यवस्था नहीं होने से छात्र-छात्राओं और काॅलेज स्टाफ को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
वर्ष 2019 में कालेज भवन निर्माण के लिए 3.24 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने पर भवन निर्माण कार्य शुरू किया गया। करीब चार साल में तीन कक्षा कक्ष, एक प्राचार्य कार्यालय, दो प्रशासनिक कार्यालय, एक सेमिनार हॉल और पानी व शौचालय की व्यवस्था के साथ भवन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद काॅलेज प्रशासन को सौंप दिया गया है। प्राचार्य प्रो. गौरी सेवक ने बताया कि भवन काॅलेज को हस्तांतरित हो गया है। अब महाविद्यालय में कला वर्ग के और विषयों के साथ ही विज्ञान संकाय की स्वीकृति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कंडीसौड़ (टिहरी)। राजकीय महाविद्यालय कमांद का भवन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद काॅलेज प्रशासन को सौंप दिया गया है। करीब सात साल बाद काॅलेज भवन मिलने से जहां अब छात्र-छात्राओं को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, वहीं कला वर्ग के अन्य विषयों के साथ ही विज्ञान संकाय की स्वीकृति मिलने की भी उम्मीद जगी है।
थौलधार क्षेत्र के लोगों की मांग पर वर्ष 2016 में इंटर कालेज के तीन कमरों में अंग्रजी, संस्कृत, हिंदी, इतिहास, सामाजिक विज्ञान और राजनीतिक विज्ञान विषय के साथ महाविद्यालय की शुरूआत की गई थी, लेकिन वहां पर्याप्त कक्षा कक्ष, कार्यालय, शौचालय और पानी आदि की व्यवस्था नहीं होने से छात्र-छात्राओं और काॅलेज स्टाफ को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
विज्ञापन
वर्ष 2019 में कालेज भवन निर्माण के लिए 3.24 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने पर भवन निर्माण कार्य शुरू किया गया। करीब चार साल में तीन कक्षा कक्ष, एक प्राचार्य कार्यालय, दो प्रशासनिक कार्यालय, एक सेमिनार हॉल और पानी व शौचालय की व्यवस्था के साथ भवन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद काॅलेज प्रशासन को सौंप दिया गया है। प्राचार्य प्रो. गौरी सेवक ने बताया कि भवन काॅलेज को हस्तांतरित हो गया है। अब महाविद्यालय में कला वर्ग के और विषयों के साथ ही विज्ञान संकाय की स्वीकृति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
विज्ञापन