फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   The affiliation will not be easy to colleges

आसान नहीं होगा कालेजों का संबद्धता देना

Tue, 15 Mar 2016 10:21 PM IST
अमर उजाला/नई टिहरी।
अमर उजाला/नई टिहरी। Updated Tue, 15 Mar 2016 10:21 PM IST
विज्ञापन

श्रीदेव सुमन विवि को इस सत्र में राजकीय महाविद्यालयों को संबद्धता देना आसान नहीं होगा। क्योंकि विवि के पास संसाधनों का अभाव बना हुआ है। कॉलेजों के निरीक्षण के लिए विवि के पास एक भी फैकल्टी नहीं है। ऐसे में राजकीय महाविद्यालयों का श्रीदेव सुमन विवि से संबद्धता होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

विज्ञापन


गढ़वाल विवि से संबद्ध राजकीय महाविद्यालयों को सत्र से श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध होने की प्रक्रिया शुरू होनी थी। गढ़वाल विवि ने राजकीय महाविद्यालयों के डिएफिलेशन के लिए गत वर्ष फरवरी में मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र भेजा था, लेकिन श्रीदेव सुमन विवि के पास राजकीय महाविद्यालयों को संबद्धता देने के लिए संसाधनों का अभाव है। 2012 से विवि 19 उपनल कर्मियों और गढ़वाल विवि के सेवानिवृत्त चार कर्मियों के भरोसे ही चल रहा है। राजकीय महाविद्यालयों को संबद्धता देने से पहले विवि की एक्सपर्ट कमेटी ने कॉलेजों का अप्रैल और मई में निरीक्षण करना है, लेकिन विवि के पास फैकल्टी के नाम पर एक भी प्रोफेसर नहीं है।
विज्ञापन


बिना फैकल्टी के कॉलेजों का निरीक्षण कैसे संभव हो पाएगा। यदि श्रीदेव सुमन विवि दूसरे विश्वविद्यालयों के एक्सपर्ट कमेटी से निरीक्षण करवाता भी है, तो संबद्धता देने पर जुलाई में राजकीय महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए विवि को अपने नियम और मानक तय करने होंगे। प्रवेश के नियम और मानक तय करने के लिए विवि को कम से कम दो माह का समय चाहिए। क्योंकि जुलाई से महाविद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होनी है। मई से जून तक श्रीदेव सुमन विवि की मुख्य परीक्षा होनी है। उसके बाद विवि पर परीक्षा परिणाम घोषित करने का दबाव है। ऐसे में राजकीय महाविद्यालयों को संबद्धता देना विवि को इस सत्र में भी आसान नहीं रह गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



राजकीय महाविद्यालयों को संबद्धता देने में कोई बड़ी कठिनाई नहीं है। कॉलेजों के निरीक्षण के लिए एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया जाएगा। विवि में कर्मियों और अधिकारियों की कमी जरूर है। कर्मियों और अधिकारियों की तैनाती का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
-डा. यूएस रावत, कुलपति, श्रीदेव सुमन विवि बादशाहीथौल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed