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टिहरी राजमाता सूरज कुंवर शाह का निधन
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टिहरी राजमाता सूरज कुंवर शाह (98) का शनिवार को नई दिल्ली स्थित आवास में निधन हो गया। राजमाता के आकस्मिक निधन की खबर से टिहरी जिले में शोक की लहर दौड़ गई। राजमाता के पति स्वर्गीय महाराजा मानवेंद्र शाह टिहरी गढ़वाल संसदीय सीट से आठ बार सांसद रहे थे। वर्तमान समय में इसी संसदीय सीट से उनकी बहू माला राज्य लक्ष्मी शाह सांसद हैं। राजमाता का अंतिम संस्कार सोमवार को ऋषिकेश स्थित पूर्णानंद घाट पर किया जाएगा।
राजस्थान बांसवाड़ा राजघराने की सूरज कुंवर शाह का विवाह 4 फरवरी 1937 को टिहरी महाराजा मानवेंद्र शाह से हुआ था। वह काफी दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं। शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। वह अपने पीछे पुत्र महाराजा मनुजेंद्र शाह और तीन बेटियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गई हैं। तीनों बेटियां राजस्थान के राजघराने में महारानियां हैं। रविवार को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा। राजमाता सूरज कुंवर शाह भगवान बद्री विशाल की अनन्य भक्त थीं। राजमाता के आकस्मिक निधन पर टिहरी राजपरिवार के राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल, राज परिवार के सदस्य ठाकुर भवानी प्रताप, पूर्व विधायक किशोर उपाध्याय, पूर्व मंत्री दिनेश धनै, मेहरवान सिंह रावत और रामकथा वाचक तिलक राम चमोली ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
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राजस्थान बांसवाड़ा राजघराने की सूरज कुंवर शाह का विवाह 4 फरवरी 1937 को टिहरी महाराजा मानवेंद्र शाह से हुआ था। वह काफी दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं। शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। वह अपने पीछे पुत्र महाराजा मनुजेंद्र शाह और तीन बेटियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गई हैं। तीनों बेटियां राजस्थान के राजघराने में महारानियां हैं। रविवार को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा। राजमाता सूरज कुंवर शाह भगवान बद्री विशाल की अनन्य भक्त थीं। राजमाता के आकस्मिक निधन पर टिहरी राजपरिवार के राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल, राज परिवार के सदस्य ठाकुर भवानी प्रताप, पूर्व विधायक किशोर उपाध्याय, पूर्व मंत्री दिनेश धनै, मेहरवान सिंह रावत और रामकथा वाचक तिलक राम चमोली ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
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