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अंतरराष्ट्रीय साहसिक खेल में अलग पहचान बना रही टिहरी झील : सीडीओ
Sun, 21 Sep 2025 06:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sun, 21 Sep 2025 06:05 PM IST
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आईआईएसएम का 14 दिवसीय वाटर स्कीइंग प्रशिक्षण हुआ संपन्न
नई टिहरी। टिहरी बांध की झील साहसिक खेलों का नया केंद्र बनती जा रही है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अधीन संचालित भारतीय स्कीइंग एवं पर्वतारोहण संस्थान (आईआईएसएम) गुलमर्ग की ओर से झील में आयोजित 14 दिवसीय वाटर स्कीइंग कोर्स रविवार को हुआ। प्रशिक्षण में उत्तराखंड समेत देशभर से आए 25 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को वाटर स्पोर्ट्स के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया गया।
कोटी काॅलोनी में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि मुख्य सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध की झील तेजी से साहसिक पर्यटन का केंद्र बन रही है और आने वाले समय में यह अंतरराष्ट्रीय गंतव्य के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने वाटर स्पोर्ट्स क्षेत्र में भारत के लिए नए अवसरों और युवाओं की भागीदारी पर विस्तार से जानकारी दी।
आईआईएसएम की सहायक निदेशक रेणु बमरारा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के बाहर संस्थान का यह पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम था। टिहरी झील में इस कोर्स ने युवाओं को नई दिशा दी है। संस्थान भविष्य में यहां जल-आधारित साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए और भी कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने कहा कि आईआईएसएम अब पर्वतारोहण और स्कीइंग से आगे बढ़कर जल आधारित खेलों को भी अपने पाठ्यक्रम में शामिल कर रहा है। इस मौके पर प्रशिक्षक व एवरेस्ट विजेता अरविंद रतूड़ी, प्रशिक्षक प्रवीन रांगड़, खलील रसूद, बट शबीर आदि मौजूद रहे।
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नई टिहरी। टिहरी बांध की झील साहसिक खेलों का नया केंद्र बनती जा रही है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अधीन संचालित भारतीय स्कीइंग एवं पर्वतारोहण संस्थान (आईआईएसएम) गुलमर्ग की ओर से झील में आयोजित 14 दिवसीय वाटर स्कीइंग कोर्स रविवार को हुआ। प्रशिक्षण में उत्तराखंड समेत देशभर से आए 25 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को वाटर स्पोर्ट्स के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया गया।
कोटी काॅलोनी में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि मुख्य सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध की झील तेजी से साहसिक पर्यटन का केंद्र बन रही है और आने वाले समय में यह अंतरराष्ट्रीय गंतव्य के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने वाटर स्पोर्ट्स क्षेत्र में भारत के लिए नए अवसरों और युवाओं की भागीदारी पर विस्तार से जानकारी दी।
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आईआईएसएम की सहायक निदेशक रेणु बमरारा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के बाहर संस्थान का यह पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम था। टिहरी झील में इस कोर्स ने युवाओं को नई दिशा दी है। संस्थान भविष्य में यहां जल-आधारित साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए और भी कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने कहा कि आईआईएसएम अब पर्वतारोहण और स्कीइंग से आगे बढ़कर जल आधारित खेलों को भी अपने पाठ्यक्रम में शामिल कर रहा है। इस मौके पर प्रशिक्षक व एवरेस्ट विजेता अरविंद रतूड़ी, प्रशिक्षक प्रवीन रांगड़, खलील रसूद, बट शबीर आदि मौजूद रहे।
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