{"_id":"60f4566c8ebc3e6d73439b1f","slug":"tehri-dam-affected-59-families-will-get-plots-after-10-years-new-tehri-news-drn3848538196","type":"story","status":"publish","title_hn":"टिहरी बांध प्रभावित 59 परिवारों को 10 साल बाद मिलेंगे भूखंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टिहरी बांध प्रभावित 59 परिवारों को 10 साल बाद मिलेंगे भूखंड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टिहरी बांध प्रभावित 59 पात्र परिवारों को 10 साल बाद आवासीय और कृषि भूखंड आवंटन की उम्मीद जग गई है। वर्ष 2011 में चिह्नित पात्र परिवारों को लॉटरी के माध्यम से भूखंड दिए जाने थे, लेकिन भूखंड आवंटन में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए तत्कालीन सरकार ने लॉटरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। जिसके चलते प्रभावित परिवारों को भूखंड आवंटन नहीं हो पाए थे। अब उम्मीद है कि छह अगस्त को पुनर्वास निदेशालय प्रभावितों को भूखंड आवंटित करेगा।
टिहरी झील के आरएल (रिवर लेबल) 835 मीटर के दायरे में रहने वाले परिवारों को पुनर्वास निदेशालय ने 2011 में आवासीय और कृषि भूखंड आवंटित किए थे, लेकिन कुछ परिवारों को भूखंड आवंटित नहीं हो पाए थे। इस दौरान सरकार के निर्देश पर पुनर्वास निदेशालय ने लॉटरी पर रोक लगा दी थी। प्रभावित परिवार लंबे समय से भूखंड आवंटन की मांग कर रहे थे। बावजूद अब आखिरकार पुनर्वास निदेशालय ने छूटे हुए प्रभावितों को भूखंड आवंटन का निर्णय लिया है, जिसमें बंद्राकोटी के छह, चोपड़ा, तल्ला उप्पू के पांच-पांच, विरयाणी/छाम के तीन, तिवाड़गांव, मोटणा, चिन्यालीसौड़, छाम, डिबनू के एक-एक परिवार को कृषि और आवासीय भूखंड आवंटित किए जाएंगे, जबकि असेना के 14, देवल के पांच, सुनारगांव के तीन, सरोठ, मोटणा, तिवाड़गांव, पंजाऊ, हिटारा, थापला, रतवाड़ी, विरयाणी/छाम में एक-एक परिवार को आवासीय भूखंड दिए जाएंगे। मोटणा, विरयाणी/छाम में दो-दो, बड़कोट के एक परिवार को केवल कृषि भूखंड लॉटरी के माध्यम से वितरित किए जाएंगे। प्रभावितों को हरिद्वार के पथरी, रोशनाबाद आदि स्थानों में भूखंड दिए जाएंगे। अवस्थापना खंड पुनर्वास के ईई आरके लांबा का कहना है कि छह अगस्त को नई टिहरी स्थित बहुउद्देशीय हॉल में लॉटरी से भूखंड आवंटित किए जाएंगे।
विज्ञापन
टिहरी झील के आरएल (रिवर लेबल) 835 मीटर के दायरे में रहने वाले परिवारों को पुनर्वास निदेशालय ने 2011 में आवासीय और कृषि भूखंड आवंटित किए थे, लेकिन कुछ परिवारों को भूखंड आवंटित नहीं हो पाए थे। इस दौरान सरकार के निर्देश पर पुनर्वास निदेशालय ने लॉटरी पर रोक लगा दी थी। प्रभावित परिवार लंबे समय से भूखंड आवंटन की मांग कर रहे थे। बावजूद अब आखिरकार पुनर्वास निदेशालय ने छूटे हुए प्रभावितों को भूखंड आवंटन का निर्णय लिया है, जिसमें बंद्राकोटी के छह, चोपड़ा, तल्ला उप्पू के पांच-पांच, विरयाणी/छाम के तीन, तिवाड़गांव, मोटणा, चिन्यालीसौड़, छाम, डिबनू के एक-एक परिवार को कृषि और आवासीय भूखंड आवंटित किए जाएंगे, जबकि असेना के 14, देवल के पांच, सुनारगांव के तीन, सरोठ, मोटणा, तिवाड़गांव, पंजाऊ, हिटारा, थापला, रतवाड़ी, विरयाणी/छाम में एक-एक परिवार को आवासीय भूखंड दिए जाएंगे। मोटणा, विरयाणी/छाम में दो-दो, बड़कोट के एक परिवार को केवल कृषि भूखंड लॉटरी के माध्यम से वितरित किए जाएंगे। प्रभावितों को हरिद्वार के पथरी, रोशनाबाद आदि स्थानों में भूखंड दिए जाएंगे। अवस्थापना खंड पुनर्वास के ईई आरके लांबा का कहना है कि छह अगस्त को नई टिहरी स्थित बहुउद्देशीय हॉल में लॉटरी से भूखंड आवंटित किए जाएंगे।
विज्ञापन