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एसडीआरएफ को जल्द मिलेंगे 50 पुलिस जवान : डीजीपी
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टिहरी झील में एसडीआरएफ के राहत व बचाव कार्यो की निगरानी करते डीजीपी अशोक कुमार।
- फोटो : NEW TEHRI
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पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार की उपस्थिति में एसडीआरएफ की टीम ने 42 वर्ग किमी क्षेत्र मेें फैली टिहरी झील में राहत बचाव अभियान का प्रदर्शन किया। इस दौरान टीम ने मॉक ड्रील में दो युवाओं को झील में डूबने से बचाया। डीजीपी ने कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए जल पुलिस और एसडीआरएफ की क्षमता बढ़ाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। 50 पुलिस जवानों को प्रशिक्षण देकर जल्द ही एसडीआरएफ की टीम में शामिल किया जाएगा। एसडीआरएफ को बाढ़ राहत में बचाव के लिए सभी तरह के आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
टिहरी झील किनारे कोटी कालोनी में एसडीआरएफ की रेस्क्यू चौकी स्थापित की गई है। रविवार को कोटी कॉलोनी पहुंचकर डीजीपी अशोक कुमार ने रेस्क्यू चौकी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान एसडीआरएफ की टीम ने झील में राहत एवं बचाव कार्य का प्रदर्शन किया। डीजीपी ने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र में प्रति वर्ष पर्यटकों का दबाव बढ़ता जा रहा है। जल क्रीड़ा करते वक्त कई बार हादसे हो जाते हैं। लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने यहां पर एसडीआरएफ की रेस्क्यू चौकी स्थापित की है। यहां पर वर्तमान में 50 जवान तैनात हैं। यहां पर एक स्पीड बोट, दो रेस्क्यू बोट और 50 व्यक्तियों की क्षमता वाली फ्लोटिंग जेटी भी उपलब्ध कराई गई है। स्पीड बोट की मदद से किसी भी दुर्घटना के समय आसानी से टीम समय पर पहुंच सकेगी।
राज्य के 18 स्थानों पर वर्तमान में जल पुलिस की रेस्क्यू टीम तैनात की गई है, जिससे बाढ़ एवं आपदा कार्यों में मदद मिलती है। इस दौरान पुलिस महानिदेशक ने झील में साहसिक खेलों का प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से भी बातचीत की। एसएसपी तृप्ति भट्ट ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा का दायित्व पुलिस का पहला है। आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों के बलबूते एसडीआरएफ की टीम ने उत्तराखंड में अपनी अलग पहचान बनाई है। इस मौके पर सीडीओ नमामि बंसल, अलकनंदा अशोक, एसडीआरएफ कमांडेंट नवनीत भुल्लर, एएसपी राजन सिंह, प्रभारी निरीक्षक शैलेश राणा आदि मौजूद रहे।
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टिहरी झील किनारे कोटी कालोनी में एसडीआरएफ की रेस्क्यू चौकी स्थापित की गई है। रविवार को कोटी कॉलोनी पहुंचकर डीजीपी अशोक कुमार ने रेस्क्यू चौकी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान एसडीआरएफ की टीम ने झील में राहत एवं बचाव कार्य का प्रदर्शन किया। डीजीपी ने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र में प्रति वर्ष पर्यटकों का दबाव बढ़ता जा रहा है। जल क्रीड़ा करते वक्त कई बार हादसे हो जाते हैं। लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने यहां पर एसडीआरएफ की रेस्क्यू चौकी स्थापित की है। यहां पर वर्तमान में 50 जवान तैनात हैं। यहां पर एक स्पीड बोट, दो रेस्क्यू बोट और 50 व्यक्तियों की क्षमता वाली फ्लोटिंग जेटी भी उपलब्ध कराई गई है। स्पीड बोट की मदद से किसी भी दुर्घटना के समय आसानी से टीम समय पर पहुंच सकेगी।
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राज्य के 18 स्थानों पर वर्तमान में जल पुलिस की रेस्क्यू टीम तैनात की गई है, जिससे बाढ़ एवं आपदा कार्यों में मदद मिलती है। इस दौरान पुलिस महानिदेशक ने झील में साहसिक खेलों का प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से भी बातचीत की। एसएसपी तृप्ति भट्ट ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा का दायित्व पुलिस का पहला है। आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों के बलबूते एसडीआरएफ की टीम ने उत्तराखंड में अपनी अलग पहचान बनाई है। इस मौके पर सीडीओ नमामि बंसल, अलकनंदा अशोक, एसडीआरएफ कमांडेंट नवनीत भुल्लर, एएसपी राजन सिंह, प्रभारी निरीक्षक शैलेश राणा आदि मौजूद रहे।
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