{"_id":"5c427c93b35517decb0fc91e84f144bf","slug":"sarkari-karmi-hai-par-bhartiya-nahi-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी कर्मी हैं पर भारतीय नागरिक नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी कर्मी हैं पर भारतीय नागरिक नहीं
नई टिहरी
Updated Thu, 25 Feb 2016 10:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसे सरकारी अधिकारियों की लापरवाही कहें या सिस्टम का दोष। टिहरी डैम वन प्रभाग-प्रथम ने अपने ही विभागीय कर्मी को भारतीय नागरिक मानने से इनकार कर दिया।
टिहरी डैम वन प्रभाग में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत सरला राणा ने बीते चार फरवरी को विभाग के लोक सूचना अधिकारी/डीएफओ से सूचना अधिकार के तहत कुछ सूचनाओं के लिए आवेदन किया था। बृहस्पतिवार को लोक सूचना अधिकारी बीपी सिंह ने 21 दिन बाद सूचना देने से साफ इनकार करते हुए राणा को प्रेषित पत्र में कहा है कि आरटीआई एक्ट 2005 में सूचना सिर्फ भारतीय नागरिक व विशेष व्यक्ति को ही दी जा सकती है। प्रधान सहायक टिहरी डैम वन प्रभाग-प्रथम भारतीय नागरिक नहीं है। इसलिए उन्हें वांछित सूचना देना संभव नहीं है। यहां बता दे कि बीते दिसंबर में टिहरी डैम वन प्रभाग में कार्यरत सरला राणा ने बंगलूरू में आयोजित अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता में वेट लिफ्टिंग की एकल प्रतियोगिता में स्वर्ण और युगल प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर प्रदेश और अपने विभाग का नाम रोशन किया था। सरला ने बताया कि उन्होंने विभाग से यात्रा भत्ता, मेडिकल एलाउंस आदि संबंधित सूचनाएं मांगी थी, लेकिन लोक सूचना अधिकारी ने उन्हें भारतीय नागरिक मानने से ही मना कर दिया है।
कोट
सरला राणा ने आरटीआई प्रार्थना पत्र में अपने नाम के नीचे पदनाम भी लिखा था। इसलिए उन्हें सूचना नहीं दी जा सकती है। यदि वह साधारण तरीके से सूचना मांगे, तो फिर उन्हें डाक से सूचना भेज दी जाएगी।
-बीपी सिंह, लोक सूचना अधिकारी/डीएफओ टिहरी डैम वन प्रभाग
सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा-3 के तहत संस्थाएं एवं किसी प्रतिष्ठान को सूचना नहीं दी जा सकती है। शिकायतकर्ता सरला राणा ने अपना पदनाम का भी उल्लेख किया है, जो सही है। लोक सूचना अधिकारी ने गैर जिम्मेदाराना तरीके से जवाब दिया है, जो गलत है।
विज्ञापन
-जय प्रकाश पांडेय, अधिवक्ता नई टिहरी
विज्ञापन
टिहरी डैम वन प्रभाग में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत सरला राणा ने बीते चार फरवरी को विभाग के लोक सूचना अधिकारी/डीएफओ से सूचना अधिकार के तहत कुछ सूचनाओं के लिए आवेदन किया था। बृहस्पतिवार को लोक सूचना अधिकारी बीपी सिंह ने 21 दिन बाद सूचना देने से साफ इनकार करते हुए राणा को प्रेषित पत्र में कहा है कि आरटीआई एक्ट 2005 में सूचना सिर्फ भारतीय नागरिक व विशेष व्यक्ति को ही दी जा सकती है। प्रधान सहायक टिहरी डैम वन प्रभाग-प्रथम भारतीय नागरिक नहीं है। इसलिए उन्हें वांछित सूचना देना संभव नहीं है। यहां बता दे कि बीते दिसंबर में टिहरी डैम वन प्रभाग में कार्यरत सरला राणा ने बंगलूरू में आयोजित अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता में वेट लिफ्टिंग की एकल प्रतियोगिता में स्वर्ण और युगल प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर प्रदेश और अपने विभाग का नाम रोशन किया था। सरला ने बताया कि उन्होंने विभाग से यात्रा भत्ता, मेडिकल एलाउंस आदि संबंधित सूचनाएं मांगी थी, लेकिन लोक सूचना अधिकारी ने उन्हें भारतीय नागरिक मानने से ही मना कर दिया है।
कोट
सरला राणा ने आरटीआई प्रार्थना पत्र में अपने नाम के नीचे पदनाम भी लिखा था। इसलिए उन्हें सूचना नहीं दी जा सकती है। यदि वह साधारण तरीके से सूचना मांगे, तो फिर उन्हें डाक से सूचना भेज दी जाएगी।
विज्ञापन
-बीपी सिंह, लोक सूचना अधिकारी/डीएफओ टिहरी डैम वन प्रभाग
सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा-3 के तहत संस्थाएं एवं किसी प्रतिष्ठान को सूचना नहीं दी जा सकती है। शिकायतकर्ता सरला राणा ने अपना पदनाम का भी उल्लेख किया है, जो सही है। लोक सूचना अधिकारी ने गैर जिम्मेदाराना तरीके से जवाब दिया है, जो गलत है।
विज्ञापन
-जय प्रकाश पांडेय, अधिवक्ता नई टिहरी