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तीन कमरों में चल रहा पॉलीटेक्निक
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
Updated Wed, 20 Apr 2016 10:02 PM IST
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राजकीय पॉलीटेक्निक जाखणीधार की निर्माणदायी संस्था यूपी निर्माण निगम की लापरवाही छात्रों एवं कालेज प्रबंधन पर भारी पड़ रही है। तीन साल से चल रहे पॉलीटेक्निक भवन का निर्माण पूरा नहीं होने से एआईसीटीई की मान्यता नहीं मिल पाई है, जिससे छात्रों को रुद्रप्रयाग पॉलीटेक्निक में शिफ्ट करना पड़ा है। साथ ही तीन कमरों में चल रहे पॉलीटेक्निक में इलैक्ट्रीकल्स का ट्रेड भी शुरू नहीं हो पा रहा है।
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वर्ष 2013 में जाखणीधार में कंप्यूटर साइंस और इलैक्ट्रीकल्स इंजीनियरिंग की ब्रांच की स्वीकृति मिली थी। शिक्षा सत्र 2014 से कालेज प्रबंधन ने अस्थाई व्यवस्था पर स्वास्थ्य केंद्र के तीन कमरों में केवल कंप्यूटर साइंस में कक्षाएं शुरू की थी।
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सरकार ने भी पॉलीटेक्निक भवन निर्माण के लिए तीन करोड़ स्वीकृत कर यूपी निर्माण निगम देहरादून को निर्माण का जिम्मा सौंपा था। कार्यदायी संस्था ने एक साल के अंदर भवन निर्माण पूरा करके देना था, लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते तीन साल बाद भी भवन निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।
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भवन निर्माण नहीं होने के चलते एआईसीटीई (ऑल इंडिया टेक्नीकल काउंसिल आफ एजूकेशन) से मान्यता नहीं मिल पाई है, जिसके चलते अंतिम वर्ष में अध्ययनरत आठ छात्र-छात्राओं को पॉलीटेक्निक रुद्रप्रयाग शिफ्ट किया गया है।
अब इन छात्रों को रुद्रप्रयाग से ही डिग्री मिल पाएगी। साथ ही भवन के अभाव में इलैक्ट्रीकल्स की ब्रांच भी शुरू नहीं हो पाई। जाखणीधार की ब्लाक प्रमुख बेबी असवाल, भाजपा के टिहरी विधानसभा संयोजक धन सिंह नेगी ने कहा कि तीन वर्ष से भवन निर्माण नहीं होने का खामियाजा छात्र-छात्राओं को उठाना पड़ रहा है।
भवन निर्माण नहीं होने से एआईसीटीई से मान्यता नहीं मिल पाई है, जिसमें अंतिम वर्ष के छात्रों को रुद्रप्रयाग शिफ्ट किया गया है। इस वर्ष यदि भवन मिल जाता है, तो मान्यता के लिए आवेदन किया जाएगा।
एसके ध्यानी, प्रधानाचार्य, पॉलीटेक्निक जाखणीधार।
पॉलीटेक्निक के भवन का निर्माण करीब 80 फीसदी पूरा हो चुका है। अवशेष कार्य को जल्द पूरा करवाया जाएगा। भूमि विवाद एवं बजट समय पर नहीं होने के कारण दिक्कतें हुई है।
-एसए शर्मा, प्रबंधक, यूपी आरएनएन देहरादून।