जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को लेकर गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक ली। उन्होंने बेटियों के प्रति समान व्यवहार, शिक्षा और कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया वन स्टॉप सेंटर में महिला उत्पीड़न के अब तक 77 प्रकरण पंजीकृत हुए हैं, जिसमें से 65 का निस्तारण किया जा चुका है।
डीएम ने कहा कि बाल विकास विभाग को पांच लाख की धनराशि से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्लोगन युक्त करीब 1500 स्कूल बैग तैयार करें। कहा कि प्रत्येक माह की 14 और 22 तारीख को पोषण दिवस की तर्ज पर बेटी जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जन्मोत्सव पर उस माह में जन्मी बेटियों को वैष्णवी, बेबी किट समेत माता, पिता को भी सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संतोषजनक लिंगानुपात वाली ग्राम पंचायतों के प्रधान, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम का भी सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर सीडीओ अभिषेक रुहेला, सीएमओ डा. सुमन आर्य, सीओ जूही मनराल, डीपीओ संदीप अरोड़ा, डीइओ बेसिक एसएस बिष्ट, वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक रश्मि बिष्ट, समिति के सदस्य सुशील बहुगुणा, शांति प्रसाद भट्ट, बीना सजवाण आदि मौजूद थे।