{"_id":"5d2f21778ebc3e6ca56c32e2","slug":"rishikesh-college-will-become-the-campus-of-sridevi-suman-university-new-tehri-news-drn31319227","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऋषिकेश महाविद्यालय बनेगा श्रीदेव सुमन विवि का कैंपस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऋषिकेश महाविद्यालय बनेगा श्रीदेव सुमन विवि का कैंपस
विज्ञापन
बादशाहीथौल में श्रीदेव सुमन विवि की शैक्षिक परिषद की बैठक लेते कुलपति डा. यूएस रावत।
- फोटो : NEW TEHRI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीदेव सुमन विवि की शैक्षिक परिषद ने पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ऋषिकेश को विवि का परिसर बनाने को हरी झंडी दे दी है। बादशाहीथौल से राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दूसरे स्थान पर शिफ्ट होने की स्थिति में शैक्षिक परिषद ने इसी सत्र से बीकॉम ऑनर्स और वाटर स्पोर्ट्स पाठ्यक्रम संचालित करने का निर्णय लिया है। नए विद्यालय भवन निर्माण को विवि शिक्षा विभाग को अब 15 लाख के बजाए 30 लाख की धनराशि देगा।
बुधवार को कुलपति डा. यूएस रावत की अध्यक्षता में आयोजित शैक्षिक परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 10 से कम छात्र संख्या वाले निजी स्ववित्त पोषित संस्थानों के पाठ्यक्रमों को विवि ने बंद करने पर अंतिम मुहर लगा दी है। सेमेस्टर परीक्षाओं का समय अब तीन घंटे के बजाए ढाई घंटे का होगा। विवि की और से तैयार किए गए वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान, गणित, माइक्रो बायोलॉजी, भौतिक विज्ञान, भूगर्भ विज्ञान, मानव विज्ञान, सांख्यिकी, बीकाम, एमकाम, बीकाम ऑनर्स, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, शिक्षा शास्त्र, भूगोल, हिंदी, इतिहास, राजनीति शास्त्र, समाज शास्त्र, संस्कृत, गृह विज्ञान, चित्रकला, मनोविज्ञान, सैन्य विज्ञान, दर्शन शास्त्र, बैचलर आफ फाइन आर्ट्स, पर्यावरण विज्ञान के पाठ्यक्रमों को शुरू करने का शैक्षिक परिषद ने स्वीकृति दे दी है।
इस सत्र से विवि में पहली बार प्री पीएचडी कराने के लिए पाठ्यक्रम, प्रवेश परीक्षा और सीटों के निर्धारण के लिए पूर्व में गठित समिति के प्रस्तावों पर कुछ नए संशोधन करने के लिए दोबारा समिति का गठन किया है। समिति जल्द ही संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी। समिति के प्रस्ताव अनुमोदन करने के लिए कुलपति को अधिकृत किया गया है। शैक्षिक परिषद ने विवि का दूसरा दीक्षांत समारोह अक्तूबर में गोपेश्वर कैंपस में आयोजित करने का निर्णय लिया है। बीएड प्रयोगात्मक परीक्षा में दोबारा अंकों के वर्गीकरण में संशोधन करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में प्रो. एसएस रावत, प्राचार्य डा. हर्षवंती बिष्ट, डा. केएल बिष्ट, डा. जीसी रजवार, डा. एनपी माहेश्वरी, डा. एके तिवारी, डा. अशोक कुमार, डा. डीएस मेहरा, डा. गिरीश बेंजवाल, वित्त अधिकारी स्मृति खंडूड़ी, कुलसचिव दिनेश चंद्रा, परीक्षा नियंत्रक डा. आरएस चौहान, सहायक परीक्षा नियंत्रक डा. हेमंत बिष्ट, डा. बीएल आर्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को कुलपति डा. यूएस रावत की अध्यक्षता में आयोजित शैक्षिक परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 10 से कम छात्र संख्या वाले निजी स्ववित्त पोषित संस्थानों के पाठ्यक्रमों को विवि ने बंद करने पर अंतिम मुहर लगा दी है। सेमेस्टर परीक्षाओं का समय अब तीन घंटे के बजाए ढाई घंटे का होगा। विवि की और से तैयार किए गए वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान, गणित, माइक्रो बायोलॉजी, भौतिक विज्ञान, भूगर्भ विज्ञान, मानव विज्ञान, सांख्यिकी, बीकाम, एमकाम, बीकाम ऑनर्स, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, शिक्षा शास्त्र, भूगोल, हिंदी, इतिहास, राजनीति शास्त्र, समाज शास्त्र, संस्कृत, गृह विज्ञान, चित्रकला, मनोविज्ञान, सैन्य विज्ञान, दर्शन शास्त्र, बैचलर आफ फाइन आर्ट्स, पर्यावरण विज्ञान के पाठ्यक्रमों को शुरू करने का शैक्षिक परिषद ने स्वीकृति दे दी है।
विज्ञापन
इस सत्र से विवि में पहली बार प्री पीएचडी कराने के लिए पाठ्यक्रम, प्रवेश परीक्षा और सीटों के निर्धारण के लिए पूर्व में गठित समिति के प्रस्तावों पर कुछ नए संशोधन करने के लिए दोबारा समिति का गठन किया है। समिति जल्द ही संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी। समिति के प्रस्ताव अनुमोदन करने के लिए कुलपति को अधिकृत किया गया है। शैक्षिक परिषद ने विवि का दूसरा दीक्षांत समारोह अक्तूबर में गोपेश्वर कैंपस में आयोजित करने का निर्णय लिया है। बीएड प्रयोगात्मक परीक्षा में दोबारा अंकों के वर्गीकरण में संशोधन करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में प्रो. एसएस रावत, प्राचार्य डा. हर्षवंती बिष्ट, डा. केएल बिष्ट, डा. जीसी रजवार, डा. एनपी माहेश्वरी, डा. एके तिवारी, डा. अशोक कुमार, डा. डीएस मेहरा, डा. गिरीश बेंजवाल, वित्त अधिकारी स्मृति खंडूड़ी, कुलसचिव दिनेश चंद्रा, परीक्षा नियंत्रक डा. आरएस चौहान, सहायक परीक्षा नियंत्रक डा. हेमंत बिष्ट, डा. बीएल आर्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन