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धनोल्टी में आधुनिक रेस्टोरेंट की योजना अधर में लटकी
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पर्यटन नगरी धनोल्टी में बनाया गया आधुनिक रेस्टोरेंट शोपीस बनकर रह गया है। बिल्डिंग का निर्माण तो हो गया है लेकिन फर्नीचर, बर्तन व अन्य सामान के लिए बजट नहीं मिलने के कारण मामला लटक गया है।
धनोल्टी में पहाड़ी व्यंजन की मार्केटिंग के लिए ग्राम्य विकास विभाग ने वर्ष 2018 में ग्राम पंचायत भवन की छत पर 28.07 लाख रुपये की लागत से रेस्टोरेंट का निर्माण शुरू किया था। यह काम श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय रुर्बन कलस्टर योजना के तहत किया जा रहा है। विभाग ने मार्च 2022 में काम पूरा कर बिल्डिंग ग्राम्य विकास विभाग को सौंपी दी थी।
धनोल्टी के प्रधान नीरज बेलवाल ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग ने रेस्टोरेंट के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को देने का आश्वासन दिया था। यह योजना अभी तक परवान नहीं चढ़ पाई है।
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धनोल्टी में रेस्टोरेंट की बिल्डिंग बनकर तैयार है। फर्नीचर और बर्तन आदि के लिए स्वीकृत 4.50 लाख रुपये का बजट अभी फ्रिज है। यह धनराशि मिलने के पर ही सामान खरीदा जा सकेगा। इसके बाद ही रेस्टोरेंट ग्राम पंचायत या किसी समिति को सौंपा जा सकता है।
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धनोल्टी में पहाड़ी व्यंजन की मार्केटिंग के लिए ग्राम्य विकास विभाग ने वर्ष 2018 में ग्राम पंचायत भवन की छत पर 28.07 लाख रुपये की लागत से रेस्टोरेंट का निर्माण शुरू किया था। यह काम श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय रुर्बन कलस्टर योजना के तहत किया जा रहा है। विभाग ने मार्च 2022 में काम पूरा कर बिल्डिंग ग्राम्य विकास विभाग को सौंपी दी थी।
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धनोल्टी के प्रधान नीरज बेलवाल ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग ने रेस्टोरेंट के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को देने का आश्वासन दिया था। यह योजना अभी तक परवान नहीं चढ़ पाई है।
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धनोल्टी में रेस्टोरेंट की बिल्डिंग बनकर तैयार है। फर्नीचर और बर्तन आदि के लिए स्वीकृत 4.50 लाख रुपये का बजट अभी फ्रिज है। यह धनराशि मिलने के पर ही सामान खरीदा जा सकेगा। इसके बाद ही रेस्टोरेंट ग्राम पंचायत या किसी समिति को सौंपा जा सकता है।