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नई टिहरी के लोगों को जल्द मिलने लगेगा 24 घंटे पानी
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नई सरकार के गठन के बाद नई टिहरीवासियों को 24 घंटे पानी की सुविधा मिल सकती है। जापान के जायक प्रोजेक्ट से नई टिहरी पंपिंग योजना का पुनर्गठन होगा। पेयजल निगम ने 116 करोड़ की डीपीआर स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजी है। अब उम्मीद है कि विधानसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही डीपीआर को स्वीकृति मिल जाएगी।
नई टिहरी शहर के लिए वर्ष 1990 में पंपिंग योजना बनी थी, लेकिन शहर की बढ़ती आबादी और पुरानी हो चुकी लाइन, पेयजल टैंकों के कारण नियमित आपूर्ति नहीं हो पाती है। वर्तमान में शहर में केवल सुबह की पानी आता है। कई बार राइजनिंग लाइन (मेन लाइन) फट जाती है, जिसे ठीक करने में जल संस्थान को परेशानियां उठानी पड़ती हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से शहर के लिए नई पंपिंग योजना बनाकर दो वक्त पानी की आपूर्ति की मांग करते आ रहे हैं। अब पेयजल निगम ने जायका प्रोजेक्ट के तहत नई टिहरी पुनर्गठन पंपिंग योजना की 116 करोड़ की डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी है। साथ ही वन विभाग से भूमि की एनओसी भी मिल गई है। जीरो प्वाइंट के पास टिहरी झील से पंपिंग योजना की राइजनिंग लाइन बिछाने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही हेड से लेकर नई टिहरी के टीएचडीसी गेस्ट हाउस तक कई पंपिंग प्लांट भी बनाएंगे। वर्तमान लाइन की जगह नई लाइन डाली जाएगी। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलते ही पंपिंग योजना पर कार्य शुरू होगा, जिसके बाद शहरवासियों को 24 घंटे पेयजल आपूर्ति हो सकेगी। वहीं जल निगम के सहायक अभियंता भीम निराला ने वर्ष 2052 तक के लिए 63 हजार की जनसंख्या के लिए योजना का डिजाइन बनाया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान पंपिंग योजना का समय पूरा हो गया है।
नई टिहरी पंपिंग योजना के पुनर्गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके लिए वनभूमि की एनओसी भी ली गई है। उम्मीद है कि जल्द ही पंपिंग योजना के पुनर्गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति मिलेगी। - एमएम शर्मा, अधिशासी अभियंता जल निगम टिहरी।
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नई टिहरी शहर के लिए वर्ष 1990 में पंपिंग योजना बनी थी, लेकिन शहर की बढ़ती आबादी और पुरानी हो चुकी लाइन, पेयजल टैंकों के कारण नियमित आपूर्ति नहीं हो पाती है। वर्तमान में शहर में केवल सुबह की पानी आता है। कई बार राइजनिंग लाइन (मेन लाइन) फट जाती है, जिसे ठीक करने में जल संस्थान को परेशानियां उठानी पड़ती हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से शहर के लिए नई पंपिंग योजना बनाकर दो वक्त पानी की आपूर्ति की मांग करते आ रहे हैं। अब पेयजल निगम ने जायका प्रोजेक्ट के तहत नई टिहरी पुनर्गठन पंपिंग योजना की 116 करोड़ की डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी है। साथ ही वन विभाग से भूमि की एनओसी भी मिल गई है। जीरो प्वाइंट के पास टिहरी झील से पंपिंग योजना की राइजनिंग लाइन बिछाने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही हेड से लेकर नई टिहरी के टीएचडीसी गेस्ट हाउस तक कई पंपिंग प्लांट भी बनाएंगे। वर्तमान लाइन की जगह नई लाइन डाली जाएगी। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलते ही पंपिंग योजना पर कार्य शुरू होगा, जिसके बाद शहरवासियों को 24 घंटे पेयजल आपूर्ति हो सकेगी। वहीं जल निगम के सहायक अभियंता भीम निराला ने वर्ष 2052 तक के लिए 63 हजार की जनसंख्या के लिए योजना का डिजाइन बनाया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान पंपिंग योजना का समय पूरा हो गया है।
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नई टिहरी पंपिंग योजना के पुनर्गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके लिए वनभूमि की एनओसी भी ली गई है। उम्मीद है कि जल्द ही पंपिंग योजना के पुनर्गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति मिलेगी। - एमएम शर्मा, अधिशासी अभियंता जल निगम टिहरी।
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