अंशकालिक दाई संगठन ने मानदेय वृद्धि समेत लंबित मांगों के निराकरण की मांग की। कहा कि वे 2006 से ग्रामीण क्षेत्र में चार सौ रुपये के मानदेय पर सुरक्षित प्रसव करवा रही हैं, लेकिन सरकार उनके मानदेय वृद्धि नहीं कर रहा है। जिससे उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने छह सितंबर को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
बौराड़ी में आयोजित अंशकालिक दाई संगठन की बैठक में समस्याओं का निराकरण न होने पर रोष व्यक्त किया गया। कहा कि कोरोना संकट के दौरान दाइयों ने भी अस्पतालों में निरंतर सेवाएं देने के साथ ही कोरोना पॉजिटिव को क्वांरटीन करवाने और गांव लौटे लोगों को होम आइसोलेशन करवाने में आशा, आंगनबाड़ी आदि के साथ मिलकर काम किया है, लेकिन सरकार ने उन्हें प्रोत्साहन राशि नहीं दी। डीसीडीएफ के अध्यक्ष अनुसूया नौटियाल ने कहा कि दाई निरंतर गांव में अपनी सेवाएं दे रही है। उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इस मौके पर शांति सजवाण, गीता नेगी, पिंकी असवाल, कांता चमोली, पुष्पा सेमल्टी, सरोजनी गुसाईं, मुन्नी देवी, पुष्पा थपलियाल, विनीता उनियाल, रश्मि नेगी, चंदा देवी आदि मौजूद थी।