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टिहरी बांध की झील में सफल रही पैरासेलिंग की टेस्टिंग

Mon, 28 Feb 2022 05:49 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 28 Feb 2022 05:49 PM IST
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Parasailing test successful in Tehri dam lake
टिहरी झील में पैरासेलिंग की टेस्टिंग करते एक्सपर्ट। - फोटो : NEW TEHRI
टिहरी झील में जल्द पैरासेलिंग का भी रोमांच शुरू हो सकता है। झील में पैरासेलिंग की टेस्टिंग सफल रही है। आने वाले दिनों में पर्यटक और स्थानीय लोग टिहरी झील में पैरासेलिंग का लुत्फ उठा सकेंगे। इसके अलावा झील में इन दिनों शिकारा और क्रूज, हाउसबोट की असेंबलिंग का कार्य भी जोरों पर है।
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टिहरी झील को विश्वस्तरीय पर्यटक स्थल बनाने के लिए सरकार ने इसे 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन में शामिल किया है। टिहरी झील में वर्तमान में 100 से अधिक सामान्य, बनाना, स्पीड बोट संचालित हो रही हैं, जिससे 500 से अधिक युवाओं को रोजगार मिल रहा है। अब सरकार ने झील में स्कूबा डाइविंग, जॉर्बिंग, पैरासेलिंग, शिकारा, क्रूज और हाउसबोट चलाने की योजना बनाई है। इस कार्य के लिए उत्तराखंड सहित आसपास निवेशक काफी रुचि ले रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को पर्यटन विभाग और टाडा (टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण) के देखरेख में ऋषिकेश गुमानीवाला के निवेशक खुशाल सिंह राणा की पैरासेलिंग की टेस्टिंग हुई।
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जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि टेस्टिंग सफल रही है। पैरासेलिंग में प्रमुख रूप से हवा का दबाव और बोट की क्षमता को आंका जाता है। फिलहाल एक माह तक ट्रायल के तौर पर निवेशक झील में पैरासेलिंग गतिविधि संचालित करेगा। फाइनल रिपोर्ट के बाद झील में पैरासेलिंग की व्यवसायिक अनुमति दी जाएगी। टाडा के विपणन अधिकारी नवीन नेगी ने बताया कि झील में पैरासेलिंग के लिए एक, शिकारा के लिए 3 और क्रूज के लिए एक आवेदन मिला है। सीईओ/जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद झील में इन गतिविधियों का संचालन शुरू किया जाएगा। पैरासेलिंग के निवेशक खुशाल सिंह राणा ने बताया कि एक पैरासेलिंग पर करीब 90 लाख खर्च होते हैं। उम्मीद है कि ट्रायल के बाद लोग इसके रोमांच का लुत्फ उठा सकेंगे। पैरासेलिंग, जिसे पैरासेंडिंग के नाम से भी जाना जाता है, एक मनोरंजक गतिविधि है। इसमें एक व्यक्ति को एक बोट के पीछे खींचा जाता है। बोट विशेष रूप से डिजाइन किए गए पैराशूट के साथ जुड़ी रहती है, जिसे पैरासेल कहते हैं। यह नाव पैरासेंलिंग करने वाले को हवा में उड़ाते हुए आगे बढ़ जाती है। अगर नाव पर्याप्त रूप से मजबूत है, तो 2-3 लोग इसके पीछे एक ही समय में पैरासेल कर सकते हैं।
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