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Tehri News: जिपं अध्यक्षों को प्रशासक बनाए जाने का पंचायत प्रतिनिधियों ने किया विरोध
Mon, 02 Dec 2024 06:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Mon, 02 Dec 2024 06:42 PM IST
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उत्तरकाशी। उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन से जुड़े जनपद के निवर्तमान प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने जिला पंचायत में अध्यक्षों को ही प्रशासक नियुक्त करने का विरोध किया है। उन्होंने सरकार से अध्यादेश लाकर इस नियम को बदलने की मांग की है। कहा कि अगर जल्द ही उनकी मांगे नहीं मानी जाती है, तो सीएम आवास कूच कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जनपद के निवर्तमान प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य हनुमान चौक पर एकत्रित हुए। वहां पर उन्होंने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। उसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। उसके बाद सुनीता नेगी, जीतम रावत, बृजपाल रजवार, प्रियावादिनी, टिकराम नौटियाल, हर्ष बहुगुणा, जगमोहन ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत के कार्यकाल की मांग बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उस पर प्रदेश सरकार ने कोई सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया।
वहीं अब कार्यकाल समाप्त होने पर जब ग्राम और क्षेत्र पंचायत में प्रशासक नियुक्त कर किए गए हैं, तो क्यों जिला पंचायतों में अध्यक्षों को ही प्रशासक नियुक्त किया गया। जबकि वह भी प्रधान और बीडीसी सदस्यों की तरह ही जनता का चुना हुआ जनप्रतिनिधि है। यह पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सौतेला व्यवहार है। इसलिए प्रदेश सरकार नियमों में अध्यादेश लाकर ग्राम और क्षेत्र पंचायतों में प्रधान और बीडीसी सदस्य को ही प्रशासक नियुक्त किया जाए। वहीं, अगर सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है, तो आगामी पांच दिसंबर को 10 हजार प्रतिनिधि मुख्यमंत्री आवास कूच कर उग्र आंदोलन करेंगे।
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जनपद के निवर्तमान प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य हनुमान चौक पर एकत्रित हुए। वहां पर उन्होंने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। उसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। उसके बाद सुनीता नेगी, जीतम रावत, बृजपाल रजवार, प्रियावादिनी, टिकराम नौटियाल, हर्ष बहुगुणा, जगमोहन ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत के कार्यकाल की मांग बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उस पर प्रदेश सरकार ने कोई सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया।
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वहीं अब कार्यकाल समाप्त होने पर जब ग्राम और क्षेत्र पंचायत में प्रशासक नियुक्त कर किए गए हैं, तो क्यों जिला पंचायतों में अध्यक्षों को ही प्रशासक नियुक्त किया गया। जबकि वह भी प्रधान और बीडीसी सदस्यों की तरह ही जनता का चुना हुआ जनप्रतिनिधि है। यह पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सौतेला व्यवहार है। इसलिए प्रदेश सरकार नियमों में अध्यादेश लाकर ग्राम और क्षेत्र पंचायतों में प्रधान और बीडीसी सदस्य को ही प्रशासक नियुक्त किया जाए। वहीं, अगर सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है, तो आगामी पांच दिसंबर को 10 हजार प्रतिनिधि मुख्यमंत्री आवास कूच कर उग्र आंदोलन करेंगे।
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