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सचिव के आदेश पर भी सिंचाई के लिए नहीं मिले पाइप
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थौलधार ब्लॉक के डोभन गांव की सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने से गांव की सैकड़ों नाली उपजाऊ भूमि बंजर पड़ी हुई है। गांव के कृषक मुकंदराम नौटियाल ने पानी की किल्लत के बावजूद अपनी 50 नाली जमीन पर मिश्रित बागवानी कर उन्नत कृषक का खिताब जीता, तो सचिव डी सेंथिल पांडियन ने भी गांव का दौरा कर पानी की समस्या को देखते हुए 15 सौ मीटर पाइप देने का वादा किया था। लेकिन दो साल बाद भी पाइप मिले न नहर की मरम्मत हो पाई है।
डोभन गांव की करीब 11 सौ नाली जमीन पर कभी खूब फसल लहलहाती थी, लेकिन वर्ष 2014 में नगुण-चापड़ा सड़क निर्माण के दौरान तीन किमी लंबी नहर जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई। काश्तकार किसी तरह सिंचाई की व्यवस्था कर रहे थे, लेकिन ऑल वेदर रोड से पूरी नहर मलबे से दब गई। विपरीत परिस्थितियों में काश्तकार मुकंद राम ने अपनी 50 नाली जमीन पर आम, अमरूद, केला, कटहल का बागीचा खड़ा कर नकदी फसल भी उगाते हैं। सचिव कृषि ने दिसंबर 2018 में गांव का दौरा कर बागीचे का निरीक्षण किया था। उन्नत कृषक मुकंद राम कहते हैं, कि वह बरसाती पानी और पेयजल से किसी तरह सिंचाई की व्यवस्था कर रहे हैं। गांव के प्रधान सुरेश नौटियाल, कुंदन सिंह राणा, रामचंद्र सेनवाल और अतर सिंह बुढ़ाण कहते हैं कि नहर बनती, तो गांव की करीब 11 सौ नाली जमीन फिर सोना उगल सकती है।
इनका क्या कहना
डोभन गांव की सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने पर सचिव कृषि ने पाइप देने का वादा किया था, लेकिन इसके लिए काश्तकारों को पहले लागत की 20 प्रतिशत धनराशि जमा करानी होगी। उसके बाद ही पाइप दिए जा सकते हैं।
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- जेपी तिावरी, जिला कृषि अधिकारी।
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डोभन गांव की करीब 11 सौ नाली जमीन पर कभी खूब फसल लहलहाती थी, लेकिन वर्ष 2014 में नगुण-चापड़ा सड़क निर्माण के दौरान तीन किमी लंबी नहर जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई। काश्तकार किसी तरह सिंचाई की व्यवस्था कर रहे थे, लेकिन ऑल वेदर रोड से पूरी नहर मलबे से दब गई। विपरीत परिस्थितियों में काश्तकार मुकंद राम ने अपनी 50 नाली जमीन पर आम, अमरूद, केला, कटहल का बागीचा खड़ा कर नकदी फसल भी उगाते हैं। सचिव कृषि ने दिसंबर 2018 में गांव का दौरा कर बागीचे का निरीक्षण किया था। उन्नत कृषक मुकंद राम कहते हैं, कि वह बरसाती पानी और पेयजल से किसी तरह सिंचाई की व्यवस्था कर रहे हैं। गांव के प्रधान सुरेश नौटियाल, कुंदन सिंह राणा, रामचंद्र सेनवाल और अतर सिंह बुढ़ाण कहते हैं कि नहर बनती, तो गांव की करीब 11 सौ नाली जमीन फिर सोना उगल सकती है।
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इनका क्या कहना
डोभन गांव की सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने पर सचिव कृषि ने पाइप देने का वादा किया था, लेकिन इसके लिए काश्तकारों को पहले लागत की 20 प्रतिशत धनराशि जमा करानी होगी। उसके बाद ही पाइप दिए जा सकते हैं।
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- जेपी तिावरी, जिला कृषि अधिकारी।