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मद्रास विवि के शोधार्थी ने चुराए शोध के मुख्य अध्याय

Fri, 12 Jul 2019 08:18 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jul 2019 08:18 PM IST
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Madras University researcher stole main chapter of a research from HNB Garhwal University
चंबा (टिहरी)। कॉपी पेस्ट करके पीएचडी की डिग्री हासिल करने का मामला सामने आया है। गढ़वाल विवि के स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल की विधि विभाग की एक शिक्षिका की थीसिस के महत्वपूर्ण अध्यायों की नकल कर मद्रास यूनिवर्सिटी के एक शोधार्थी छात्र ने पीएचडी की डिग्री हासिल कर ली। मामला संज्ञान में आने पर शिक्षिका ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से शिकायत की है।
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उच्च शिक्षा में पीएचडी शोध कार्य की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए यूजीसी और मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कड़े नियम बनाए हैं। बावजूद इसके पीएचडी में साहित्यिक सामग्री की चोरी पर रोक नहीं लग पा रही है। स्वामी रामतीर्थ परिसर के विधि विभाग में कार्यरत शिक्षिका डा. मीता अग्रवाल ने वर्ष 2009 में डा. भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विवि से पीएचडी की थी। शिक्षिका की 2012 में पीएचडी थीसिस पर आधारित एक पुस्तक ‘भारतीय परिप्रेक्ष्य में शिक्षा का अधिकार’ भी प्रकाशित हुई। शिक्षिका डा. मीता अग्रवाल ने बताया कि देश की प्रथम तीन स्थापित विश्वविद्यालयों में से एक मद्रास विश्वविद्यालय के विधि विभाग के एक शोधार्थी छात्र एस उदय कुमार ने उनके शोध प्रबंध के महत्वपूर्ण अध्यायों की नकल कर 2014 में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है।
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कोट--
शोधार्थी को अपनी सूझ और ज्ञान से थीसिस तैयार करनी चाहिए। उच्च शिक्षा संस्थान में इस प्रकार से साहित्यिक चोरी की निंदा की जानी चाहिए। संबंधित शोधार्थी और उनके शोध निर्देशक के खिलाफ यूजीसी और मद्रास विवि के कुलपति के सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
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- डा. मीता अग्रवाल, शिक्षिका, एसआरटी परिसर बादशाहीथौल।
इस प्रकार पकड़ी गयी नकल
जब कोई शोधार्थी अपनी पीएचडी की थीसिस तैयार करता है, उसके बाद विवि की ओर से इसको शोध गंगा ऑन लाइन पोर्टल में अपलोड कर दिया जाता है ,ताकि दुनिया में कोई भी व्यक्ति इन शोध प्रबंध के बारे में जान सके। कुछ दिनों पूर्व डा. मीता अग्रवाल ने शोध गंगा पोर्टल में कुछ जानकारी सर्च करते समय अपने विषय से संबंधित शोध प्रबंध देखा तो उन्हें कुछ संदेह हुआ। पेजों पर क्लिक करने पर देखा कि मद्रास यूनिवर्सिटी के एक शोधार्थी ने उनके शोध प्रबंध से कुछ महत्वपूर्ण अध्यायों की हूबहू कॉपी करके अपना शोध प्रबंध तैयार किया है।
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