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पुनर्वास किए बिना ही बढ़ा दिया झील का पानी
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टिहरी बांध की झील का जलस्तर आरएल (रिवर लेवल) 830 मीटर तक बढ़ाने की अनुमति दी गई है, लेकिन अभी तक भागीरथी घाटी में पुनर्वास संबंधी कई मामलों का निस्तारण नहीं हो पाया है। पुनर्वास निदेशालय का दावा है, कि आरएल 835 मीटर तक के सभी मामलों का निस्तारण कर दिया गया है, लेकिन पात्रता निर्धारण सहित अन्य कई 150 से अधिक मामले ग्रेवांस सेल और करीब 60 से अधिक मामले पुनर्वास निदेशालय में लंबित पड़े हैं।
थौलधार ब्लाक में बंस्यूल क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य जयवीर सिंह रावत ने कहा कि झील का जलस्तर आरएल 830 मीटर तक बढ़ाने से भागीरथी घाटी के ग्राम खांड, रमोलगांव, कंडारगांव, भंगर, सरोट, डोभन, बधाणगांव और बल्डोगी आदि गांव के लोगों की जान को खतरा पैदा हो गया है। घाटी में इन गांवों के कई लोगों के पात्रता निर्धारण, मकान, दुकान और परिसंपत्तियों का भुगतान संबंधी 150 से अधिक मामले ग्रोवांस सेल और 60 से अधिक प्रस्ताव पुनर्वास निदेशालय में लंबित हैं। जलस्तर बढ़ाने से रमोलगांव, सरोट और डोभन के रामनगर कस्बे में अनुसूचित जाति के 10 परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। पुनर्वास अवस्थापना खंड के ईई धीरेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि पुनर्वास निदेशालय से आरएल 835 से नीचे के सभी मामलों का निस्तारण कर दिया गया है। ग्रेवांस सेल में कुछ मामले हो सकते हैं, सेल बंद क्यों है, इसका पता किया जाएगा। जलस्तर बढ़ाने से उत्पन्न खतरे की स्थिति जानने के लिए क्षेत्र में टीम भेजी गई है, जो भी रिपोर्ट आएगी उसे उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
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थौलधार ब्लाक में बंस्यूल क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य जयवीर सिंह रावत ने कहा कि झील का जलस्तर आरएल 830 मीटर तक बढ़ाने से भागीरथी घाटी के ग्राम खांड, रमोलगांव, कंडारगांव, भंगर, सरोट, डोभन, बधाणगांव और बल्डोगी आदि गांव के लोगों की जान को खतरा पैदा हो गया है। घाटी में इन गांवों के कई लोगों के पात्रता निर्धारण, मकान, दुकान और परिसंपत्तियों का भुगतान संबंधी 150 से अधिक मामले ग्रोवांस सेल और 60 से अधिक प्रस्ताव पुनर्वास निदेशालय में लंबित हैं। जलस्तर बढ़ाने से रमोलगांव, सरोट और डोभन के रामनगर कस्बे में अनुसूचित जाति के 10 परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। पुनर्वास अवस्थापना खंड के ईई धीरेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि पुनर्वास निदेशालय से आरएल 835 से नीचे के सभी मामलों का निस्तारण कर दिया गया है। ग्रेवांस सेल में कुछ मामले हो सकते हैं, सेल बंद क्यों है, इसका पता किया जाएगा। जलस्तर बढ़ाने से उत्पन्न खतरे की स्थिति जानने के लिए क्षेत्र में टीम भेजी गई है, जो भी रिपोर्ट आएगी उसे उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
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