केंद्र सरकार की ओर से जारी नई शिक्षा नीति पर शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के बीच गोष्ठी आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि नई शिक्षा नीति से भारत सशक्त बनेगा और पूर्व की भांति विश्व में भारत के ज्ञान की पताका लहराएगी।
शुक्रवार को श्रीदेव सुमन इंटर कॉलेज में ब्लॉक प्रमुख शिवानी बिष्ट, बीईओ एसएस चौहान और एबीईओ अनीनाथ ने गोष्ठी का शुभारंभ किया। गोष्ठी में छापराधार के प्रधानाचार्य गबर सिंह चौहान ने कहा कि वर्तमान दौर में भारत को शिखर पर पहुंचाने के लिए यह बेहतर प्रयास है। प्रवक्ता राकेश चंद्र ने कहा कि भारत की परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों को बरकरार रखने के लिए नई शिक्षा नीति कारगर साबित होगी। संकुल समन्वयक मीना तिवारी और लाखी सिंह असवाल ने कहा कि पूरे देश में एक ही बोर्ड होना चाहिए। शिक्षक सुनील असवाल ने कहा नई शिक्षा नीति 95 प्रतिशत लाभकारी है। जीजीआईसी चंबा की प्रधानाचार्य अंजलि चंदोला ने कहा कि नई शिक्षा नीति में सह शिक्षा पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। एबीईओ अनीनाथ ने कहा नई शिक्षा नीति में स्कूलों के बुनियादी ढांचे पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। दुग्ध संघ अध्यक्ष जगदंबा बेलवाल, जिपं सदस्य यलमा सजवाण ने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य देश के लिए आदर्श नागरिक तैयार करना है। इस मौके पर आयोजक कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह रावत, सुरेंद्र सिंह, जगमोहन मखलोगा, सुरेंद्र पंवार, जयपाल गुसाईं और शकीला बानो आदि मौजूद थे।