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आठ महीने में ही दम तोड़ने लगी 21 करोड़ की सुरीधार पंपिग योजना
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थौलधार ब्लाक में करोड़ों की लागत से बनाई गई सुरीधार पंपिंग पेयजल योजन शुरूआती दौर में ही दम तोड़ने लगी है। गर्मियों में योजना से जोड़े गए 22 ग्राम पंचायतों के लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों को दूसरे-तीसरे दिन आ रहे पानी से ही काम चलाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने योजना में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
रामगांव क्षेत्र के 22 ग्राम पंचायतों के लिए 21 करोड़ से बनाई गई सुरीधार पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण कार्य वर्षों बाद अक्तूबर 2021 को पूरा किया गया था, लेकिन योजना आठ माह में ही दम तोड़ने लगी है। क्षेत्र पंचायत सदस्य अनीता देवी ने बताया कि पंपिंग योजना बनाते समय ही कई अनियमितताएं बरती गई, जिसका खामियाजा आज ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
अनुसूचित जाति बस्ती झुल्क में ही 10 दिनों से पंपिंग योजना का पानी नहीं टपका, जिससे ग्रामीणों को पुरानी लाइन से एक दिन छोड़कर बमुश्किल 40-50 लीटर पानी से काम चलाना पड़ रहा है। योजना से जुड़े अन्य गांवों में भी लोगों को दूसरे-तीसरे दिन पानी मिल रहा है। क्षेत्र के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मूर्ति सिंह नेगी ने बताया कि पंपिंग योजना के लिए स्रोत का चयन करते समय निगम को जाख और हडगी गदेरे में गर्मियों में पानी कम होने की जानकारी दी गई थी। बावजूद निगम ने 21 करोड़ खर्च कर दिए।
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सुरीधार पंपिंग योजना का हडगी स्रोत से पानी नहीं आ रहा है, जबकि जाख गदेरे में भी पानी बहुत कम हो गया है, जिससे पंपिंग 16 के बजाए 10 घंटे होने से टैंक नहीं भर पा रहे हैं। यह समस्या कुछ दिन ही चलेगी उसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। - राजवीर सिंह राणा, सहायक अभियंता, जल निगम चंबा।
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रामगांव क्षेत्र के 22 ग्राम पंचायतों के लिए 21 करोड़ से बनाई गई सुरीधार पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण कार्य वर्षों बाद अक्तूबर 2021 को पूरा किया गया था, लेकिन योजना आठ माह में ही दम तोड़ने लगी है। क्षेत्र पंचायत सदस्य अनीता देवी ने बताया कि पंपिंग योजना बनाते समय ही कई अनियमितताएं बरती गई, जिसका खामियाजा आज ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
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अनुसूचित जाति बस्ती झुल्क में ही 10 दिनों से पंपिंग योजना का पानी नहीं टपका, जिससे ग्रामीणों को पुरानी लाइन से एक दिन छोड़कर बमुश्किल 40-50 लीटर पानी से काम चलाना पड़ रहा है। योजना से जुड़े अन्य गांवों में भी लोगों को दूसरे-तीसरे दिन पानी मिल रहा है। क्षेत्र के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मूर्ति सिंह नेगी ने बताया कि पंपिंग योजना के लिए स्रोत का चयन करते समय निगम को जाख और हडगी गदेरे में गर्मियों में पानी कम होने की जानकारी दी गई थी। बावजूद निगम ने 21 करोड़ खर्च कर दिए।
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सुरीधार पंपिंग योजना का हडगी स्रोत से पानी नहीं आ रहा है, जबकि जाख गदेरे में भी पानी बहुत कम हो गया है, जिससे पंपिंग 16 के बजाए 10 घंटे होने से टैंक नहीं भर पा रहे हैं। यह समस्या कुछ दिन ही चलेगी उसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। - राजवीर सिंह राणा, सहायक अभियंता, जल निगम चंबा।