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सिविल सेवा में जाना चाहते हैं हिमांशु
नई टिहरी
Updated Tue, 12 Jan 2016 10:20 PM IST
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अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के विजेता हिमांशु सेमल्टी सिविल सेवा में जाना चाहते हैं। उनके अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए चयनित होने पर पूरे घर में खुशी का माहौल है। हिमांशु कहते हैं कि छात्रवृत्ति मिलने से वह अब सिविल सर्विसेज परीक्षाओं की कोचिंग ले सकेंगे।
जाखणीधार ब्लॉक अंजनीसैण के लोणत्तर गांव निवासी हिमांशु सेमल्टी के पिता ओम प्रकाश सेमल्टी अंजनीसैण में चाय की दुकान चलाते हैं। मां रेखा गृहणी है। छोटा भाई प्रियांशु 9वीं कक्षा में पढ़ता है। पिता ने बच्चों की पढ़ाई में कभी पैसे की कमी आड़े नहीं आने दी, बावजूद हिमांशु को पढ़ाई के खर्चे की चिंता सताती है। हिमांशु कहते हैं कि अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति योजना से उन्हें उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दी। उन्होंने तुरंत ऑन लाइन फार्म भरा और परीक्षा की तैयारी में जुट गए। 12 जनवरी को परीक्षा परिणाम घोषित होने पर जब हिमांशु और उनके परिजनों को पता चला कि हिमांशु का चयन अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए हो गया है, तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
हिमांशु सरस्वती विद्या मंदिर चमियाला (घनसाली) में 11वीं के छात्र हैं। पिछले वर्ष हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में उन्होंने 89.8 फीसदी अंक प्राप्त किए थे। परिवार की आर्थिक तंगी के कारण वह समय निकालकर 10वीं के बच्चों को गणित विषय का ट्यूशन भी पढ़ाते हैं। हिमांशु बताते हैं कि छात्रवृत्ति मिलने से वह अब सिविल सर्विसेज परीक्षाओं की कोचिंग ले सकेंगे। वे प्रतिदिन चार से पांच घंटे नियमित पढ़ाई करते हैं। अंग्रेजी उनका सबसे प्रिय विषय है। क्रिकेट खेलना उनका शौक है।
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जाखणीधार ब्लॉक अंजनीसैण के लोणत्तर गांव निवासी हिमांशु सेमल्टी के पिता ओम प्रकाश सेमल्टी अंजनीसैण में चाय की दुकान चलाते हैं। मां रेखा गृहणी है। छोटा भाई प्रियांशु 9वीं कक्षा में पढ़ता है। पिता ने बच्चों की पढ़ाई में कभी पैसे की कमी आड़े नहीं आने दी, बावजूद हिमांशु को पढ़ाई के खर्चे की चिंता सताती है। हिमांशु कहते हैं कि अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति योजना से उन्हें उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दी। उन्होंने तुरंत ऑन लाइन फार्म भरा और परीक्षा की तैयारी में जुट गए। 12 जनवरी को परीक्षा परिणाम घोषित होने पर जब हिमांशु और उनके परिजनों को पता चला कि हिमांशु का चयन अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए हो गया है, तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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हिमांशु सरस्वती विद्या मंदिर चमियाला (घनसाली) में 11वीं के छात्र हैं। पिछले वर्ष हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में उन्होंने 89.8 फीसदी अंक प्राप्त किए थे। परिवार की आर्थिक तंगी के कारण वह समय निकालकर 10वीं के बच्चों को गणित विषय का ट्यूशन भी पढ़ाते हैं। हिमांशु बताते हैं कि छात्रवृत्ति मिलने से वह अब सिविल सर्विसेज परीक्षाओं की कोचिंग ले सकेंगे। वे प्रतिदिन चार से पांच घंटे नियमित पढ़ाई करते हैं। अंग्रेजी उनका सबसे प्रिय विषय है। क्रिकेट खेलना उनका शौक है।
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