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अफसरों के नहीं पहुंचने पर फिर हुआ हंगामा
चंबा (टिहरी)
Updated Sat, 30 Jan 2016 06:43 PM IST
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क्षेत्र पंचायत की बैठक में इस बार भी सक्षम अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों ने जमकर हंगामा किया। प्रतिनिधियों ने बीडीओ के स्थानांतरण करने पर रोष जताया है। बैठक में डीएम के पहुंचने पर हंगामा कुछ कम हुआ। सदस्यों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा कल्याण, बाल विकास, उद्योग, बिजली, पानी के मुद्दे उठाए।
शनिवार को ब्लॉक सभागार में बीडीसी की बैठक शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पिछली बैठक का बहिष्कार होने के बाद समय पर बीडीसी बैठक नहीं करना दुर्भाग्यपूर्ण है। ज्येष्ठ प्रमुख नरेंद्र चंद रमोला और क्षेत्र पंचायत सदस्य मथुरा नकोटी ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि गत बैठक के बहिष्कार होने के बाद जीओ के हिसाब से 15 दिनों में बैठक की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि बीडीओ क्षेत्र के विकास के लिए तत्परता से काम कर रही थी, बावजूद उनका स्थानांतरण करना दुर्भाग्यपूर्ण है। जिला पंचायत सदस्य रेखा पुंडीर ने कहा कि जीआईसी छापराधार का भवन दो साल पहले ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन नए भवन का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। जिससे पठन-पाठन बाधित हो रहा है। जिलाधिकारी ज्योति नीरज खैरवाल ने कहा कि बैठक में सक्षम अधिकारियों की अनिवार्यता का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के सवालों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रमुख आनंदी नेगी ने प्रस्तावों पर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ अहमद इकबाल, बीडीओ चतर सिंह असवाल, रागिनी भट्ट, गीता नेगी, यशपाल नेगी, राजेंद्र सिंह परमार, गिरवीर सिंह नेगी, पदम गुसाईं आदि मौजूद थे।
दोपहर तक आते रहे अधिकारी
बीडीसी बैठक में डीएम के पहुंचने की सूचना पर कई अधिकारी दोपहर तक आते दिखे। बावजूद इसके कई विभागों के अधिकारी बैठक में इस बार भी गैर हाजिर रहे। बाद में डीएम के सदन से चले जाने पर अधिकांश अधिकारी भी चलते बने।
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शनिवार को ब्लॉक सभागार में बीडीसी की बैठक शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पिछली बैठक का बहिष्कार होने के बाद समय पर बीडीसी बैठक नहीं करना दुर्भाग्यपूर्ण है। ज्येष्ठ प्रमुख नरेंद्र चंद रमोला और क्षेत्र पंचायत सदस्य मथुरा नकोटी ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि गत बैठक के बहिष्कार होने के बाद जीओ के हिसाब से 15 दिनों में बैठक की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि बीडीओ क्षेत्र के विकास के लिए तत्परता से काम कर रही थी, बावजूद उनका स्थानांतरण करना दुर्भाग्यपूर्ण है। जिला पंचायत सदस्य रेखा पुंडीर ने कहा कि जीआईसी छापराधार का भवन दो साल पहले ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन नए भवन का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। जिससे पठन-पाठन बाधित हो रहा है। जिलाधिकारी ज्योति नीरज खैरवाल ने कहा कि बैठक में सक्षम अधिकारियों की अनिवार्यता का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के सवालों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रमुख आनंदी नेगी ने प्रस्तावों पर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ अहमद इकबाल, बीडीओ चतर सिंह असवाल, रागिनी भट्ट, गीता नेगी, यशपाल नेगी, राजेंद्र सिंह परमार, गिरवीर सिंह नेगी, पदम गुसाईं आदि मौजूद थे।
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दोपहर तक आते रहे अधिकारी
बीडीसी बैठक में डीएम के पहुंचने की सूचना पर कई अधिकारी दोपहर तक आते दिखे। बावजूद इसके कई विभागों के अधिकारी बैठक में इस बार भी गैर हाजिर रहे। बाद में डीएम के सदन से चले जाने पर अधिकांश अधिकारी भी चलते बने।
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