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महापुराण में 12 ज्योर्तिलिंगों की महिमा बताई
ब्यूरो/अमर उजाला, नई टिहरी
Updated Thu, 10 Nov 2016 10:21 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सरस्वती विद्या मंदिर कालेज में आयोजित अष्टादश महापुराण सहस्र चंडी महायज्ञ के 10वें दिन 12 ज्योर्तिलिंगों की महिमा और पांडवों पर लगे गो हत्या का वर्णन किया गया। पंडितों ने 18 पुराण और चार वेदों का पाठ कर मानव की सुख-शांति की कामना की। लोक गायक विनोद सती एंड पार्टी ने विभिन्न भजनों की प्रस्तुतियां दी।
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अष्टादश पुराण में संत डा. दुर्गेशाचार्य महाराज ने कहा कि 12 ज्योर्तिलिंगों में शामिल प्रथम सोमनाथ में जो भी श्रद्धालु गंगोत्री का गंगा जल चढ़ाते हैं, उनके संपूर्ण कष्ट दूर एवं मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
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इस मौके पर आयोजन समिति के अध्यक्ष कीर्ति सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य मुरारीलाल खंडवाल, जयप्रकाश पांडेय, गोविंद बिष्ट, तिलकराम चमोली, राकेश राणा, राजेंद्र चमोली, मार्केडे सेमवाल, मुकेश रतूड़ी, भरत सिंह भंडारी, एमडी बहुगुणा, ओम प्रकाश भट्ट, राजेंद्र असवाल, शीशराम थपलियाल, गंगाधर चमोली, कर्म सिंह तोपवाल, मोहन सिंह रावत, भगवान चंद रमोला, रागिनी भट्ट, सुषमा उनियाल, विद्या नेगी आदि मौजूद थे।
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