{"_id":"6282854042844744d542357f","slug":"forest-burning-for-two-days-between-new-tehri-chamba-new-tehri-news-drn4119233180","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई टिहरी-चंबा के बीच दो दिन जल रहे जंगल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई टिहरी-चंबा के बीच दो दिन जल रहे जंगल
विज्ञापन
नई टिहरी के समीप बुडोगी के जंगलों में लगी आग।
- फोटो : NEW TEHRI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जंगलों में भड़की आग पर काबू पाना वन विभाग के लिए मुश्किल होता जा रहा है। रविवार को जिला मुख्यालय के नजदीक चवालखेत क्षेत्र में शाम करीब चार बजे से जंगल में आग भड़क गई थी, लेकिन वनाग्नि के आगे असहाय वन विभाग अग्नि शमन विभाग का सहयोग लेने के बाद भी सोमवार दोपहर तक आग कंट्रोल नहीं कर पाया, जिससे नई टिहरी-चंबा मोटर मार्ग पर कई बार यातायात रोकना पड़ा।
गर्मी के मौसम में जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग की तैयारी नाकाफी साबित हो रही है। कई तैयारियों के बाद भी जंगल आग से धधकते देखे जा सकते हैं। शायद ही ऐसा कोई क्षेत्र होगा जहां आग की लपटों से उठने वाला धुआं न दिखाई दे। रविवार को जिला मुख्यालय में स्थित प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय से महज ढाई-तीन किमी दूर चावालखेत के जंगल में शाम करीब चार बजे आग भड़क गई, जिससे जिला मुख्यालय में भी धुंध छा गई। बेकाबू आग को कंट्रोल करने के लिए वन विभाग ने फायर बिग्रेड का सहारा भी लिया, बावजूद रात दस बजे तक जंगल आग से धधकते रहे।
सोमवार को भी नई टिहरी-चंबा मोटर मार्ग के आस-पास जंगल में आग भड़क गई, जिससे मोटर मार्ग पर कई बार यातायात रोकना पड़ा। वन विभाग के कर्मचारी भी आग बुझाने में जुटे रहे। बावजूद देर शाम तक आग काबू नहीं हो पाई। जिससे अब तक वनाग्नि की 179 घटनाओं में 188.55 हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आ गया है। इस बाबत डीएफओ बीके सिंह ने कहा कि वनाग्नि की यह अंतिम स्टेज है। चवालखेत और सुरसिंह धार में वन कर्मी कंट्रोल बर्निंग करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में आग पूरी तरह कंट्रोल कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गर्मी के मौसम में जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग की तैयारी नाकाफी साबित हो रही है। कई तैयारियों के बाद भी जंगल आग से धधकते देखे जा सकते हैं। शायद ही ऐसा कोई क्षेत्र होगा जहां आग की लपटों से उठने वाला धुआं न दिखाई दे। रविवार को जिला मुख्यालय में स्थित प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय से महज ढाई-तीन किमी दूर चावालखेत के जंगल में शाम करीब चार बजे आग भड़क गई, जिससे जिला मुख्यालय में भी धुंध छा गई। बेकाबू आग को कंट्रोल करने के लिए वन विभाग ने फायर बिग्रेड का सहारा भी लिया, बावजूद रात दस बजे तक जंगल आग से धधकते रहे।
विज्ञापन
सोमवार को भी नई टिहरी-चंबा मोटर मार्ग के आस-पास जंगल में आग भड़क गई, जिससे मोटर मार्ग पर कई बार यातायात रोकना पड़ा। वन विभाग के कर्मचारी भी आग बुझाने में जुटे रहे। बावजूद देर शाम तक आग काबू नहीं हो पाई। जिससे अब तक वनाग्नि की 179 घटनाओं में 188.55 हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आ गया है। इस बाबत डीएफओ बीके सिंह ने कहा कि वनाग्नि की यह अंतिम स्टेज है। चवालखेत और सुरसिंह धार में वन कर्मी कंट्रोल बर्निंग करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में आग पूरी तरह कंट्रोल कर दी जाएगी।
विज्ञापन