{"_id":"6aa298fdaa194c880d0bcced","slug":"expedite-compensation-payments-to-farmers-who-have-provided-nocs-dm-tehri-news-c-50-1-sdrn1016-121195-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनओसी देने वाले काश्तकारों को जल्द करें मुआवजा भुगतान : डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनओसी देने वाले काश्तकारों को जल्द करें मुआवजा भुगतान : डीएम
Thu, 10 Sep 2026 05:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 10 Sep 2026 05:18 PM IST
विज्ञापन
नई टिहरी। लखवाड़ बांध परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में तेजी लाने को डीएम नितिका खंडेलवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने परियोजना क्षेत्र की कुल परिसंपत्तियों, वितरित मुआवजे और लंबित प्रकरणों की स्पष्ट स्थिति बताने वाली तथ्यात्मक रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है।
कलेक्ट्रेट स्थित वीसी कक्ष में परियोजना की समीक्षा बैठक में डीएम ने लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन काश्तकारों और ग्रामीणों ने अनापत्ति प्रमाणपत्र उपलब्ध करा दिए हैं, उनके प्रकरणों में आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में अनावश्यक विलंब न हो। बैठक में बताया गया कि प्रभावित क्षेत्र में भूमि और परिसंपत्तियों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। इनमें खाली भूमि, विभागीय भूमि, अधिग्रहण के बाद अस्थायी कब्जे वाली भूमि तथा अधिग्रहण से पूर्व की परिसंपत्तियां और पेड़ शामिल हैं। श्रेणी-दो की भूमि का संयुक्त निरीक्षण पूरा हो चुका है।
विज्ञापन
बैठक में एडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी, एसडीएम धनोल्टी अंशुल भट्ट, एसएलएओ नीलू चावला, डीजीएम लखवाड़ बांध परियोजना शिवदास, तहसीलदार धनोल्टी मो. शादाब आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट स्थित वीसी कक्ष में परियोजना की समीक्षा बैठक में डीएम ने लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन काश्तकारों और ग्रामीणों ने अनापत्ति प्रमाणपत्र उपलब्ध करा दिए हैं, उनके प्रकरणों में आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
विज्ञापन
भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में अनावश्यक विलंब न हो। बैठक में बताया गया कि प्रभावित क्षेत्र में भूमि और परिसंपत्तियों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। इनमें खाली भूमि, विभागीय भूमि, अधिग्रहण के बाद अस्थायी कब्जे वाली भूमि तथा अधिग्रहण से पूर्व की परिसंपत्तियां और पेड़ शामिल हैं। श्रेणी-दो की भूमि का संयुक्त निरीक्षण पूरा हो चुका है।
विज्ञापन
बैठक में एडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी, एसडीएम धनोल्टी अंशुल भट्ट, एसएलएओ नीलू चावला, डीजीएम लखवाड़ बांध परियोजना शिवदास, तहसीलदार धनोल्टी मो. शादाब आदि मौजूद रहे।