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वायुमंडल में मौजूद प्रदूषण की होगी सटीक जानकारी
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंबा (टिहरी)।
Updated Mon, 20 Mar 2017 10:12 PM IST
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अब देशभर को ऑक्सीजन देने वाले हिमालयी क्षेत्र के वायुमंडल में मौजूद प्रदूषण की सटीक जानकारी संभव हो सकेगी। हवा की जांच के लिए केंद्र सरकार के मौसम विज्ञान विभाग ने टिहरी जिले के रानीचौरी में हाई वॉल्यूम एयर सैंपलर स्थापित कर दिया है। वैज्ञानिकों का दावा है कि संयंत्र का सफल परीक्षण कर एयर सैंपल पुणे स्थित प्रयोगशाला को भेज दिया गया है।
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केंद्रीय मौसम विज्ञान विभाग सबसे कम प्रदूषित उत्तराखंड राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रदूषण के स्तर की हकीकत को जानना चाहता है। इसके लिए टिहरी जिले के रानीचौरी स्थित घने जंगल में एयर सैंपलर मशीन लगाई गई है। इस संयंत्र में हवा की जांच के लिए फिल्टर पेपर लगाया गया है।
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फिल्टर पेपर की खासियत यह है कि वायुमंडल में घुलनशील छोटे से छोटा हानिकारक कण भी इससे आर-पार नहीं जा सकता है। ऐसे में हवा में मौजूद सभी कण पेपर से टकराते ही इससे चिपक जाते हैं। इसके बाद इस फिल्टर पेपर को परीक्षण के लिए पुणे स्थित प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। पेपर की जांच करने के बाद वैज्ञानिक पर्यावरण की स्थिति की सही-सही जानकारी देने के साथ ही इस पर शोध कार्य भी कर सकेंगे।
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हवा में मौजूद प्रदूषण की जांच के लिए वैज्ञानिक तीन पैरामीटरों का इस्तेमाल करते हैं। इसमें पीएम 10, पीएम 2.5 और टॉटल पार्टिकुलर शामिल है। खास बात यह है कि इस संयंत्र से तीनों पैरामीटरों की जांच की जा सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस संयंत्र के स्थापित होने से पहाड़ वासियों की ग्रीन बोनस की मांग को भी बल मिल सकेगा। माना जा रहा है कि रिसर्च के आधार पर ही सरकार पर्यावरण प्रदूषण की दिशा में कुछ ठोस कदम उठाएगी।
एयर सैंपलर की प्रारंभिक सफल टेस्टिंग कर ली गई है। हवा में मौजूद प्रदूषण की जांच के लिए एयर सैंपल को समय-समय पर पुणे भेजा जाएगा। संयंत्र में पीएम 10, पीएम 2.5 और टॉटल पार्टिकुलर की जांच संभव है। जांच रिपोर्ट के आधार पर पर्यावरण की स्थिति का सही पता लग पाएगा।
-भौमिक इंद्रवाल, सहायक वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान विभाग रानीचौरी