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पानी पिया नहीं और दे दिया छह महीने का बिल
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सारज्यूला पट्टी के पाटा गांव में जलापूर्ति ठप होने के बावजूद बिल भेजे जाने पर ग्रामीणों ने कड़ा रोष जताया है। गुस्साए ग्रामीणों ने जल संस्थान कार्यालय पहुंचकर ईई का घेराव कर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि योजना से पानी की बूंद नहीं टपक रही है और वसूली के लिए बिल भेजे जा रहे हैं। लोगों ने कहा कि जब तक उन्हें नियमित पानी नहीं मिलता, तब तक वे बिलों का भुगतान नहीं करेंगे।
पाटा गांव को सारज्यूला पंपिंग योजना से जोड़ा गया है, लेकिन पानी की आपूर्ति महीने में एक-दो बार ही होती है। इससे ग्रामीणों को अपने पुराने प्राकृतिक जल स्रोत से ही पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। गांव के प्रधान मनीष रतूड़ी ने बताया कि सितंबर में कई लोगों ने पेयजल कनेक्शन लिए हैं, लेकिन इन छह महीनों में छह दिन भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो पाई है। इससे जल संस्थान की ओर से बिल भेजे जाने पर ग्रामीणों में खासा रोष बना हुआ है। बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय जल संस्थान कार्यालय में पहुंचे ग्रामीणों ने ईई का घेराव कर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने भेजे गए बिल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि जब तक नियमित जलापूर्ति नहीं की जाती है, तब तक बिलों का भुगतान नहीं करेंगे। ईई सतीशचंद्र नौटियाल ने गांव में शीघ्र ही जलापूर्ति कराने का भरोसा दिया है। घेराव करने वालों में प्रधान सहित नरेश चमोली, परशुराम चमोली, जितेंद्र भट्ट, बंसतराम चमोली, सतीश रतूड़ी, पंकज रतूड़ी, विमला, लक्ष्मी, कमला, सुनीता, पुष्पा, मुन्नी देवी और कुशी देवी आदि शामिल थे।
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पाटा गांव को सारज्यूला पंपिंग योजना से जोड़ा गया है, लेकिन पानी की आपूर्ति महीने में एक-दो बार ही होती है। इससे ग्रामीणों को अपने पुराने प्राकृतिक जल स्रोत से ही पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। गांव के प्रधान मनीष रतूड़ी ने बताया कि सितंबर में कई लोगों ने पेयजल कनेक्शन लिए हैं, लेकिन इन छह महीनों में छह दिन भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो पाई है। इससे जल संस्थान की ओर से बिल भेजे जाने पर ग्रामीणों में खासा रोष बना हुआ है। बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय जल संस्थान कार्यालय में पहुंचे ग्रामीणों ने ईई का घेराव कर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने भेजे गए बिल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि जब तक नियमित जलापूर्ति नहीं की जाती है, तब तक बिलों का भुगतान नहीं करेंगे। ईई सतीशचंद्र नौटियाल ने गांव में शीघ्र ही जलापूर्ति कराने का भरोसा दिया है। घेराव करने वालों में प्रधान सहित नरेश चमोली, परशुराम चमोली, जितेंद्र भट्ट, बंसतराम चमोली, सतीश रतूड़ी, पंकज रतूड़ी, विमला, लक्ष्मी, कमला, सुनीता, पुष्पा, मुन्नी देवी और कुशी देवी आदि शामिल थे।
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