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Tehri News: स्थायी आवंटन की मांग के लिए धरना जारी
Fri, 16 Jan 2026 05:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Fri, 16 Jan 2026 05:36 PM IST
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स्थायी आवंटन की मांग के लिए धरना जारी
नई टिहरी। टिहरी बांध विस्थापितों को केमसारी में आवंटित टीनशेड आवासों को स्थायी रूप से आवंटित करने की मांग को लेकर प्रभावितों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को धरना स्थल पर नारेबाजी करते हुए विस्थापितों ने कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से अस्थायी रूप से आवंटित टीनशेड पर स्वामित्व देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने आमरण अनशन की चेतावनी दी है। बताया गया कि वर्ष 2002-03 में पुरानी टिहरी शहर में जलभराव के दौरान वहां छूटे लोगों को पुनर्वास निदेशालय द्वारा बौराड़ी के केमसारी में टीनशेड आवंटित किए गए थे। प्रभावितों का कहना है कि स्थायी आवंटन की उम्मीद में उन्हें ये टीनशेड दिए गए थे, लेकिन 20-22 साल बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि टीनशेड अब जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं, लेकिन स्थायी आवंटन न होने के कारण वे मरम्मत भी नहीं करा पा रहे हैं। इससे कई परिवारों को एक ही हॉलनुमा कमरे में दो-तीन परिवारों के साथ रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। धरने में सुमीता राणा, ममता पैन्यूली, गुड्डी देवी, कसरी देवी, उषा देवी, सरोजनी देवी, सरस्वती देवी, अनीता देवी, रोशनी देवी, फरीदा गुलिश्ता और सुशीला देवी सहित अन्य बांध प्रभावित शामिल रहे।
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नई टिहरी। टिहरी बांध विस्थापितों को केमसारी में आवंटित टीनशेड आवासों को स्थायी रूप से आवंटित करने की मांग को लेकर प्रभावितों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को धरना स्थल पर नारेबाजी करते हुए विस्थापितों ने कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से अस्थायी रूप से आवंटित टीनशेड पर स्वामित्व देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने आमरण अनशन की चेतावनी दी है। बताया गया कि वर्ष 2002-03 में पुरानी टिहरी शहर में जलभराव के दौरान वहां छूटे लोगों को पुनर्वास निदेशालय द्वारा बौराड़ी के केमसारी में टीनशेड आवंटित किए गए थे। प्रभावितों का कहना है कि स्थायी आवंटन की उम्मीद में उन्हें ये टीनशेड दिए गए थे, लेकिन 20-22 साल बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि टीनशेड अब जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं, लेकिन स्थायी आवंटन न होने के कारण वे मरम्मत भी नहीं करा पा रहे हैं। इससे कई परिवारों को एक ही हॉलनुमा कमरे में दो-तीन परिवारों के साथ रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। धरने में सुमीता राणा, ममता पैन्यूली, गुड्डी देवी, कसरी देवी, उषा देवी, सरोजनी देवी, सरस्वती देवी, अनीता देवी, रोशनी देवी, फरीदा गुलिश्ता और सुशीला देवी सहित अन्य बांध प्रभावित शामिल रहे।