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साल के पहले दिन पर्यटकों से गुलजार रही धनोल्टी और कोटीकालोनी
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टिहरी झील में बोटिंग करने पहुंचे पर्यटक।
- फोटो : NEW TEHRI
नए साल पर हिल स्टेशन धनोल्टी और टिहरी बांध की झील में पर्यटकों की रौनक रही। बाहर से आए लोगों ने बोटिंग की। धनोल्टी और काणाताल में आनेजाने वाले पर्यटकों की खूब भीड़ रही। नए साल के पहले दिन करीब आठ हजार लोगों ने सुरकंडा देवी मंदिर पहुंचकर माता से खुशहाली की कामना की। वहीं 1100 से अधिक लोगों ने टिहरी झील में बोटिंग की।
नए साल के पहले दिन धनोल्टी में पर्यटकों की खूब भीड़ उमड़ी रही। हालांकि नए साल पर बर्फबारी नहीं होने से बर्फ देखने आए पर्यटकों के हाथ मायूसी ही लगी। मां सुरकंडा देवी के दर्शन के लिए भी भक्तों की खूब भीड़ उमड़ी रही। मंदिर में भीड़ उमड़ने से लोगों को दर्शनों के लिए डेढ़ से दो घंटे लाइन खड़े होकर इंतजार करना पड़ा।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आवागमन से कद्दूखाल में भी दिनभर खूब भीड़ रही और कई बार जाम भी लगता रहा। सुरकंडा देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी और नरेश बिजल्वाण ने बताया कि नए साल के पहले दिन मंदिर में शाम तक भीड़ उमड़ी रही। उन्होंने बताया कि नए साल पर करीब आठ हजार से अधिक श्रद्धालु देवी के दर्शन करने पहुंचे। उधर, कोटीकालोनी में भी दिनभर बोटिंग करने वालों की भीड़ रही, जिससे कोटीकालोनी में भी दिनभर खूब रौनक रही। बोट यूनियन के संरक्षक कुलदीप पंवार ने बताया कि नए साल पर करीब 1100 से अधिक लोगों ने बोटिंग का लुत्फ उठाया।
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भगवान रघुनाथ की महापूजा में उमड़े श्रद्धालु
देवप्रयाग/कीर्तिनगर। तीर्थनगरी में नवबर्ष 2022 का स्वागत भगवान रघुनाथ की पूजा अर्चना से हुआ। यहां पौष माह में श्री रघुनाथ मंदिर में होने वाली महापूजा में वर्ष के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही।
शनिवार को भगवान बदरीनाथ के तीर्थपुरोहितों ने परंपरागत महापूजा में भगवान रघुनाथ की स्तुतियों का गायन कर विश्व व देश की सुख समृद्धि व महामारी से मुक्ति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ लगने से कई श्रद्धालुओं को मंदिर के बाहर ही खड़े होकर महापूजा में भाग लेना पड़ा। सूर्योदय से पहले महापूजा संपन्न होने पर प्रसाद के रूप में खिचड़ी वितरित की गई। वहीं दूसरी ओर पूर्व पेयजल एवं शिक्षा मंत्री, मंत्री प्रसाद नैथानी ने कीर्तिनगर के किलकिलेश्वर महादेव मंदिर में विश्व और क्षेत्र की सुख समृद्धि के लिए हवन और पूजन किया। संवाद
चोपता में सात हजार से अधिक पर्यटक पहुंचे
सुरक्षा व शांति व्यवस्था के लिए कल तक पीएससी तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊखीमठ। नए साल के जश्न के लिए चोपता सहित अन्य स्थानों पर पहुंचे पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहा। क्षेत्र में लगभग साढ़े छह हजार पर्यटक पहुंचे हुए हैं। साथ ही पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तीन जनवरी तक चोपता में पीएससी तैनात कर दी है।
शनिवार देर शाम तक लगभग 700 पर्यटक लौट आए थे, जबकि छह हजार 537 पर्यटक अब भी चोपता व आसपास ठहरे हुए हैं। व्यापार संघ चोपता व ईको पर्यटन विकास समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी ने बताया कि पूरे दिनभर चोपता से तुंगनाथ व चंद्रशिला तक पर्यटकों की भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान कई स्थानों पर पर्यटकों के द्वारा प्लास्टिक कचरा भी फेंका गया। साथ ही रास्तों के बजाय बुग्यालों के बीच से आवाजाही की गई। वन विभाग द्वारा चोपता से चंद्रशिला तक जाने वाले पर्यटकों से शुल्क तो वसूला जा रहा है, लेकिन उन्हें स्थानीय पर्यावरण संरक्षण के प्रति सचेत नहीं किया जा रहा है। वहीं दुगलबिट्टा से चोपता तक लगातार वाहनों की आवाजाही से दिनभर वाहन रेंगते रहे।
ऊखीमठ के थानाध्यक्ष रवींद्र कौशल ने बताया कि चोपता क्षेत्र में ठहरे पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोमवार तक पीएससी को तैनात रखा गया है। कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे पर दुलगबिट्टा से आगे भारी पाला पड़ा हुआ है, जिससे वाहनों के रपटने का खतरा बना हुआ है। इधर, पर्यटक गाइड आनंद सिंह नेगी ने बताया कि इस बार उम्मीद से अधिक पर्यटक पहुंचे हैं।
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नए साल के पहले दिन धनोल्टी में पर्यटकों की खूब भीड़ उमड़ी रही। हालांकि नए साल पर बर्फबारी नहीं होने से बर्फ देखने आए पर्यटकों के हाथ मायूसी ही लगी। मां सुरकंडा देवी के दर्शन के लिए भी भक्तों की खूब भीड़ उमड़ी रही। मंदिर में भीड़ उमड़ने से लोगों को दर्शनों के लिए डेढ़ से दो घंटे लाइन खड़े होकर इंतजार करना पड़ा।
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पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आवागमन से कद्दूखाल में भी दिनभर खूब भीड़ रही और कई बार जाम भी लगता रहा। सुरकंडा देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी और नरेश बिजल्वाण ने बताया कि नए साल के पहले दिन मंदिर में शाम तक भीड़ उमड़ी रही। उन्होंने बताया कि नए साल पर करीब आठ हजार से अधिक श्रद्धालु देवी के दर्शन करने पहुंचे। उधर, कोटीकालोनी में भी दिनभर बोटिंग करने वालों की भीड़ रही, जिससे कोटीकालोनी में भी दिनभर खूब रौनक रही। बोट यूनियन के संरक्षक कुलदीप पंवार ने बताया कि नए साल पर करीब 1100 से अधिक लोगों ने बोटिंग का लुत्फ उठाया।
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भगवान रघुनाथ की महापूजा में उमड़े श्रद्धालु
देवप्रयाग/कीर्तिनगर। तीर्थनगरी में नवबर्ष 2022 का स्वागत भगवान रघुनाथ की पूजा अर्चना से हुआ। यहां पौष माह में श्री रघुनाथ मंदिर में होने वाली महापूजा में वर्ष के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही।
शनिवार को भगवान बदरीनाथ के तीर्थपुरोहितों ने परंपरागत महापूजा में भगवान रघुनाथ की स्तुतियों का गायन कर विश्व व देश की सुख समृद्धि व महामारी से मुक्ति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ लगने से कई श्रद्धालुओं को मंदिर के बाहर ही खड़े होकर महापूजा में भाग लेना पड़ा। सूर्योदय से पहले महापूजा संपन्न होने पर प्रसाद के रूप में खिचड़ी वितरित की गई। वहीं दूसरी ओर पूर्व पेयजल एवं शिक्षा मंत्री, मंत्री प्रसाद नैथानी ने कीर्तिनगर के किलकिलेश्वर महादेव मंदिर में विश्व और क्षेत्र की सुख समृद्धि के लिए हवन और पूजन किया। संवाद
चोपता में सात हजार से अधिक पर्यटक पहुंचे
सुरक्षा व शांति व्यवस्था के लिए कल तक पीएससी तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊखीमठ। नए साल के जश्न के लिए चोपता सहित अन्य स्थानों पर पहुंचे पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहा। क्षेत्र में लगभग साढ़े छह हजार पर्यटक पहुंचे हुए हैं। साथ ही पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तीन जनवरी तक चोपता में पीएससी तैनात कर दी है।
शनिवार देर शाम तक लगभग 700 पर्यटक लौट आए थे, जबकि छह हजार 537 पर्यटक अब भी चोपता व आसपास ठहरे हुए हैं। व्यापार संघ चोपता व ईको पर्यटन विकास समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी ने बताया कि पूरे दिनभर चोपता से तुंगनाथ व चंद्रशिला तक पर्यटकों की भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान कई स्थानों पर पर्यटकों के द्वारा प्लास्टिक कचरा भी फेंका गया। साथ ही रास्तों के बजाय बुग्यालों के बीच से आवाजाही की गई। वन विभाग द्वारा चोपता से चंद्रशिला तक जाने वाले पर्यटकों से शुल्क तो वसूला जा रहा है, लेकिन उन्हें स्थानीय पर्यावरण संरक्षण के प्रति सचेत नहीं किया जा रहा है। वहीं दुगलबिट्टा से चोपता तक लगातार वाहनों की आवाजाही से दिनभर वाहन रेंगते रहे।
ऊखीमठ के थानाध्यक्ष रवींद्र कौशल ने बताया कि चोपता क्षेत्र में ठहरे पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोमवार तक पीएससी को तैनात रखा गया है। कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे पर दुलगबिट्टा से आगे भारी पाला पड़ा हुआ है, जिससे वाहनों के रपटने का खतरा बना हुआ है। इधर, पर्यटक गाइड आनंद सिंह नेगी ने बताया कि इस बार उम्मीद से अधिक पर्यटक पहुंचे हैं।