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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   Dependence on government for a budget increase

अब बजट के लिए शासन पर बढे़गी निर्भरता

Mon, 31 Oct 2016 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई टिहरी
ब्यूरो/अमर उजाला, नई टिहरी Updated Mon, 31 Oct 2016 10:37 PM IST
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प्राइवेट परीक्षाओं की जिम्मेदारी जाते ही श्रीदेव सुमन विवि के पास संबद्ध संस्थागत संस्थान एवं बीएड कालेज ही शेष रह जाएंगे। अब विवि इन संस्थानों पर पैनी नजर रख सकेगा और बीएड परीक्षाएं भी संपन्न हो सकेंगी।

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वहीं विवि को प्राइवेट परीक्षाओं के जरिए प्राप्त हो रहे 10 करोड़ से अधिक के राजस्व से भी वंचित रहना पड़ेगा। इससे जाहिर है कि विवि के ढांचागत संस्थानों की सुविधाओं में कमी आना तय है। अब इसकी भरपाई के लिए विवि को टिहरी में परिसर का निर्माण शीघ्र करना होगा। ताकि परिसर में विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम आरंभ कर राजस्व प्राप्त हो सके।
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सत्र 2012-13 से श्रीदेव सुमन विवि गढ़वाल मंडल में प्राइवेट परीक्षाएं करवाता रहा है। विवि में प्रतिवर्ष स्नातक एवं स्नातकोत्तर में एक लाख छात्र-छात्राएं परीक्षाएं देते थे। इससे विवि को प्रतिवर्ष 10 करोड़ से अधिक की आय प्राप्त होती थी, लेकिन यूजीसी की नई गाइड लाइन के अनुसार प्राइवेट परीक्षाएं संपूर्ण भारत वर्ष में बंद कर दी गई हैं। इसके स्थान पर प्राइवेट परीक्षाएं दूरस्थ शिक्षा पद्धति के तहत आयोजित की जा रही हैं।
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यूजीसी के नए नियमों के पालन और राजभवन की संस्तुति पर राज्य सरकार को मजबूरन गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में प्राइवेट परीक्षाओं की जिम्मेदारी मुक्त विवि को सौंपनी पड़ रही है, जिससे अब छात्र-छात्राओं को मुक्त विवि के माध्यम से दूरस्थ शिक्षा पद्धति के तहत स्नातक एवं स्नातकोतर की उपाधि प्राप्त करनी होगी।

दूरस्थ शिक्षा पद्धति में छात्रों को अध्ययन सामग्री विवि की ओर से उपलब्ध कराई जाती है। मुक्त विवि को इससे जहां अच्छी आय होगी, वहीं कुमाऊं एवं श्रीदेव सुमन विवि को सालभर में करोड़ों रुपये से वंचित रहना पड़ेगा।


कोट
प्राइवेट परीक्षाओं की आय से विवि को करीब 10 करोड़ की आय प्राप्त होती थी, जिसका उपयोग समय-समय पर संसाधनों को बढ़ाने, कार्यशाला, बैठक और वेतन आदि भुगतान में किया जाता था। अब ऐसे में शासन से विवि को सुचारु रूप से संचालन के लिए अधिक बजट की आवश्यकता होगी।     
-डा. एसएस रावत, कुलसचिव, श्रीदेव सुमन विवि     

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