{"_id":"56fbed884f1c1b6a7bf00112","slug":"cultured-duty-of-teachers-to-children-gusai","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों को संस्कारवान बनाना शिक्षकों का कर्तव्य : गुसाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों को संस्कारवान बनाना शिक्षकों का कर्तव्य : गुसाई
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
Updated Wed, 30 Mar 2016 08:45 PM IST
विज्ञापन
बैठक
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रारंभिक शिक्षा में किए जा रहे नवाचारी प्रयास पर आयोजित कार्यशाला में जिलेभर के स्कूलों से आए शिक्षकों ने विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारी प्रयासों की जानकारी दी। बुधवार को डायट में आयोजित सेमिनार का पालिकाध्यक्ष उमेश चरण गुसाईं ने शुभारंभ किया।
विज्ञापन
गुसाईं ने कहा कि अध्यापकों पर नई पीढ़ी को संस्कारवान शिक्षा देने का दायित्व है। कहा कि शिक्षा के विकास में डायट का महत्वपूर्ण स्थान है। डायट के प्राचार्य चेतन नौटियाल ने कहा कि सेमिनार का उद्देश्य ऐसे स्कूलों और अध्यापकों को चयन करना है, जिनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में नए कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया जा रहा है।
विज्ञापन
डीईओ माध्यमिक ब्रह्मपाल सैनी ने कहा कि नवाचारी कार्यों को सभी जगह प्रचारित-प्रसारित किया जाए। उच्च प्राथमिक स्कूल भवान की शिक्षिका मीनाक्षी उनियाल ने बच्चों द्वारा बनाई गई मधुबनी और कॉलाज पेंटिंग का प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
इस मौके पर डीईओ बेसिक अशोक कुमार गुर्साइं, डा. वीर सिंह रावत, डा. मनवीर नेगी, प्रवक्ता दीपक रतूड़ी, मीनाक्षी त्यागी, डा. पीके सिंह, महीपाल नेगी, देवेंद्र भंडारी, प्रो. सुनीता गोदियाल, सरिता असवाल, जसवंत बंगारी, अशोक कुमार सिंह, विनीता सुयाल, प्रमोद गुधोनिया, विनोद मटूडा आदि उपस्थित थे।