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Tehri News: मौण मेले में अगलाड़ नदी में मछली पकड़ने के लिए उमड़ा हुजूम

Sun, 29 Jun 2025 07:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी Updated Sun, 29 Jun 2025 07:18 PM IST
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Crowds gathered to catch fish in Aglad river during Maun fair
16 गांव के लोगों ने टिमरू का पाउडर डाला नदी में
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राजशाही के जमाने से मनाया जाता है मेला, ढोल-दमाऊं के साथ पहुंचते हैं ग्रामीण नदी किनारे
नैनबाग (टिहरी)। जौनपुर ब्लॉक का प्रसिद्ध ऐतिहासिक राज मौण मेले में क्षेत्र के लोगों ने वाद्ययंत्रों के साथ अगलाड़ नदी में मछली पकड़ने के साथ मनाया। क्षेत्र के 16 गांव के लोगों ने टिमरू का पाउडर (मौण) नदी में डाला, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग मछली पकड़ने नदी में उतरे। राजशाही के जमाने से मनाया जाने वाला मौण मेले का पूजा अर्चना के साथ शुभारंभ हुआ। ढोल-दमाऊं की थाप पर महिला व पुरुषों ने सामूहिक से रूप तांदी नृत्य किया। करीब दो बजे दोपहर को ग्रामीणों ने मिलकर अगलाड़ नदी में टिमरु का पाउडर (मौण) डाला। मौण को नदी में डालते ही सैकड़ों की संख्या में लोग मछली पकड़ने नदी में उतर गए, लेकिन तेज बारिश व पानी के तेज बहाव के कारण लोग कम मात्र में मछली पकड़ पाए।
बारिश के कारण गत वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष कम लोग मौण मेले में पहुंचे। मौण मेला समिति के अध्यक्ष महिपाल सजवाण ने बताया कि टिमरू के पाउडर से मछलियां कुछ देर के लिए बेहोश होती है। इसी दौरान लोग मछलियों को पकड़ते हैं। टिमरू के पाउडर से मछलियों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचता है। मौण मेले में सात पट्टियों के लोगों की मुख्य भूमिका है। प्रत्येक साल एक ही पट्टी के लोगों को मौण तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाती है। इस वर्ष नदी में मौण डालने की जिम्मेदारी छज्यूला पट्टी के बंग्लों की कांडी, सैंजी, कांडीखाल, भटोली, चम्या, बनोगी, गांवखेत, भेडियान, घंडियाला, सरतली, कसोन, कांडा, रणोगी, तिमलियाल, पाली कुणा गांव की थी। मौण मेले के लिए गांव के प्रति परिवारों द्वारा टिमरु का पाउडर तैयार करना होता है।
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मौण मेले का त्योहार आपसी भाईचारे व क्षेत्र की एकता का प्रतीक माना जाता है। कई दशकों से बिना सुरक्षा व्यवस्था के मौण मेला संचालित होता आ रहा है। इस मौके पर गोपाल, सिया लाल, राजेंद्र, महिपाल राणा, सिकेंद्र रौछला, जयेंद्र सिंह, लुदर भंडारी, विरेंद्र वर्मा, विजय सिंह, दिपाल सिंह, नीरज रावत आदि मौजूद थे।
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