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सभासदों ने पालिका कार्यालय में जड़ा ताला
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नगर पालिका परिषद के सभासदों ने एक बार फिर अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पालिका कार्यालय में तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने 16 सूत्री मांगों पर अध्यक्ष और ईओ से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। सदस्यों ने कहा कि जवाब नहीं मिलता है, तो पालिका के कार्यों की मजिस्ट्रीयल जांच की मांग के साथ ही सामूहिक त्याग पत्र देने को बाध्य होंगे।
मंगलवार को पालिका के सभासदों ने पालिका कार्यालय में तालाबंदी कर बेमियादी धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने पालिकाध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि सभासदों की मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है। छह माह से बोर्ड बैठक तक नहीं की गई है। निर्माण कार्यों के संबंध में सभासदों को विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने अध्यक्ष और ईओ को दिए पत्र में अब तक कराए गए कार्यों की जानकारी देने, बिना बोर्ड प्रस्ताव के कराए कार्यों की सूची, कोरोना काल में सैनिटाइजर और कोरोना रोकथाम पर हुए खर्च का विवरण, पथ प्रकाश के लिए दो सालों में निकाली गई निविदा, सफाई सामग्री व निमार्ण कार्यों पर व्यय, कुर्सियों और बेंच के टेंडर, डस्टबिन पर किया गया खर्च, झाड़ी कटान कार्य, हरेला कार्यक्रम, निष्प्रयोज्य वाहनों की नीलामी और आउट सोर्सिंग कर्मियों का विवरण सहित 16 सूत्री मांगों पर एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है। धरना देने वालों में सभासद प्रदीप रावत, सतीश चमोली, विश्वजीत नेगी, विजय कठैत, उर्मिला राणा और अनीता थपलियाल आदि शामिल थे। इस बाबत पालिकाध्यक्ष सीमा कृषाली का कहना है कि सभासदों की ओर से उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। सभासदों को धरना देने से पहले वार्ता करनी चाहिए थी।
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मंगलवार को पालिका के सभासदों ने पालिका कार्यालय में तालाबंदी कर बेमियादी धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने पालिकाध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि सभासदों की मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है। छह माह से बोर्ड बैठक तक नहीं की गई है। निर्माण कार्यों के संबंध में सभासदों को विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने अध्यक्ष और ईओ को दिए पत्र में अब तक कराए गए कार्यों की जानकारी देने, बिना बोर्ड प्रस्ताव के कराए कार्यों की सूची, कोरोना काल में सैनिटाइजर और कोरोना रोकथाम पर हुए खर्च का विवरण, पथ प्रकाश के लिए दो सालों में निकाली गई निविदा, सफाई सामग्री व निमार्ण कार्यों पर व्यय, कुर्सियों और बेंच के टेंडर, डस्टबिन पर किया गया खर्च, झाड़ी कटान कार्य, हरेला कार्यक्रम, निष्प्रयोज्य वाहनों की नीलामी और आउट सोर्सिंग कर्मियों का विवरण सहित 16 सूत्री मांगों पर एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है। धरना देने वालों में सभासद प्रदीप रावत, सतीश चमोली, विश्वजीत नेगी, विजय कठैत, उर्मिला राणा और अनीता थपलियाल आदि शामिल थे। इस बाबत पालिकाध्यक्ष सीमा कृषाली का कहना है कि सभासदों की ओर से उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। सभासदों को धरना देने से पहले वार्ता करनी चाहिए थी।
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